कानपुर

भारत में कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में पारस हेल्थ कानपुर द्वारा कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया इस कार्यक्रम के माध्यम से बीमारी के शीघ्र पहचान समय पर डायग्नोसिस और समन्वित उपचार के महत्व पर विशेष जोर दिया गया इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए कानपुर के मरीजों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की कार्यक्रम में कानपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए उनके साथ अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों, नेतृत्वकर्ताओं और समुदाय के गणमान्य सदस्यों ने हिस्सा लिया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करना था अस्पताल द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है पिछले एक दशक में मामलों में 10.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है 2015: 1.39 लाख मामले, 2024: 1.53 लाख मामले (अनुमानित) विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ती उम्र, बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाएं और खराब जीवनशैली (जैसे तंबाकू का सेवन) इस वृद्धि के मुख्य कारण हैं समय पर इलाज न मिल पाने और संसाधनों की कमी के कारण स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में पारस हेल्थ ने एक अनूठी पहल की है तीन फरवरी से पूरे कानपुर के मरीजों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की जा रही है समय सोमवार से शुक्रवार, फेरे प्रतिदिन दो ट्रिप जिसका उद्देश्य यह सेवा उन मरीजों और तीमारदारों के लिए वरदान साबित होगी जिन्हें अस्पताल आने-जाने या फॉलो-अप चेकअप में परिवहन की समस्या होती है इसके पश्चात पारस हेल्थ में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया जिसमें कैंसर की बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए हुए पारस हेल्थ कानपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर रजत बजाज ने कहा, “विश्व कैंसर दिवस हमें याद दिलाता है कि शुरुआती पहचान से मरीज के बचने की संभावना और जीवन की गुणवत्ता में भारी सुधार किया जा सकता है हम एडवांस ट्रीटमेंट और पेशेंट सपोर्ट के जरिए कैंसर से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं “वहीं, ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों की टीम जिसमें डॉ. एस.के. शर्मा (डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी), डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. कुणाल पाठक और डॉ. अलंकृता सिंह शामिल हैं ने संयुक्त रूप से इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के तालमेल से ही बेहतर परिणाम संभव है।
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