गाजियाबाद
जौहरीपुर मेट्रो स्टेशन के पास रिहायशी इलाके में बन रहे स्विमिंग पूल को लेकर बढ़ी चिंता
जिलाधिकारी से निर्माण रोकने की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर स्थित इंद्रा एन्क्लेव के निवासी दयानंद ने गाजियाबाद जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर जौहरीपुर मेट्रो स्टेशन गेट नंबर–1 के पास रिहायशी क्षेत्र में बनाए जा रहे स्विमिंग पूल के निर्माण पर शीघ्र रोक लगाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस स्विमिंग पूल निर्माण से भविष्य में पानी की भारी बर्बादी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में कई तरह की गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
दयानंद के अनुसार, जिस स्थान पर स्विमिंग पूल का निर्माण किया जा रहा है, उसके आसपास घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है। ऐसे में रोजाना लाखों लीटर पानी की खपत और निकासी से स्थानीय जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। उनका कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है और गर्मियों में लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। स्विमिंग पूल के लिए बड़े पैमाने पर पानी के दोहन से स्थिति और भी गंभीर संकट खड़ा कर सकती है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि पूल से पानी के रिसाव की स्थिति में पास के जर्जर प्लॉट और मकानों की नींव कमजोर हो सकती है, जिससे भवन गिरने जैसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इससे किसी बड़ी जनहानि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इसके अतिरिक्त, पूल से प्रतिदिन निकाले जाने वाले पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण गलियों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। जलभराव से जहां मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ेगा, वहीं लोगों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होगी।
स्थानीय लोगों ने पार्किंग की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया है। स्विमिंग पूल के सामने मात्र दस फुट की जगह उपलब्ध है। ऐसे में वाहनों के खड़े होने से अक्सर जाम और विवाद की स्थिति बन सकती है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा हो सकता है।
दयानंद ने बताया कि इस संबंध में नगर पालिका परिषद लोनी और उपजिलाधिकारी लोनी से भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
निवासियों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की व्यावसायिक गतिविधि से पर्यावरण, पानी की उपलब्धता और जनसुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए और जनहित में उचित कदम उठाए जाएं।
क्षेत्रवासियों की बढ़ती चिंता को देखते हुए अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।



