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नीतीश कुमार का नया सुरक्षा कवच

पीएम मोदी की तर्ज पर अब बुलेटप्रूफ रेंज रोवर में चलेंगे सीएम

पटना। अब सीएम नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री की तरह ही अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ रेंज रोवर गाड़ियों के काफिले में सफर करेंगे। सुरक्षा के इस बड़े बदलाव के लिए बिहार सरकार ने न केवल मंजूरी दी है, बल्कि इसके लिए बजट में विशेष वित्तीय प्रावधान भी किए हैं।
बिहार की राजनीति में सादगी और विकास के पर्याय माने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब एक नए कलेवर और अभेद्य सुरक्षा घेरे में नजर आएंगे। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा को अल्ट्रा-हाई लेवल पर ले जाने का फैसला किया है। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री की तरह ही अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ रेंज रोवर गाड़ियों के काफिले में सफर करेंगे। सुरक्षा के इस बड़े बदलाव के लिए बिहार सरकार ने न केवल मंजूरी दी है, बल्कि इसके लिए बजट में विशेष वित्तीय प्रावधान भी किए गए हैं।
सुरक्षा का घेरा होगा और मजबूत-राज्य कैबिनेट और संबंधित विभाग के अनुसार इन चार अत्याधुनिक वाहनों की खरीद पर कुल 11.20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में ईवी एवं अन्य गाड़ियां शामिल हैं, लेकिन अब इसे अपग्रेड कर रेंज रोवर के रूप में नई मजबूती दी जा रही है। बताया जा रहा है कि इन चार गाड़ियों में से एक का उपयोग सीधे तौर पर मुख्यमंत्री करेंगे। हालांकि, शेष तीन गाड़ियों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। बताया यह भी जा रहा है कि शेष तीनों गाड़ियां भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ही सुरक्षा काफिले का हिस्सा हो सकती हैं या फिर, इन्हें राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को आवंटित किए जा सकते हैं।
रेंज रोवर ही क्यों? जानें इसकी खासियतें-रेंज रोवर न केवल अपनी लग्जरी के लिए जानी जाती है, बल्कि इसका बुलेट प्रूफ वर्जन उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों से लैस होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी सुरक्षा के लिए इसी श्रेणी की एसयूवी का उपयोग करते हैं। रेंज रोवर का यह विशेष सेंटिनल या बुलेटप्रूफ मॉडल कई मायनों में खास है। यह गाड़ी गोलियों की बौछार और आईईडी धमाकों को झेलने में सक्षम है। इसके टायर पंक्चर होने के बाद भी लंबी दूरी तक तेज गति से भाग सकते हैं। साथ ही, इसमें अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम लगा होता है जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ा रहता है। यह कदम नीतीश कुमार की सुरक्षा को जेड प्लस कैटेगरी से भी एक कदम आगे ले जाकर तकनीकी रूप से अभेद्य बनाने की कोशिश है। बिहार जैसे राज्य में, जहां वीवीआईपी की सुरक्षा संवेदनशीलता हमेशा उच्च रहती है, वहां सरकार का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

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