
बाणगंगा नदी में आये पानी
भारत – अमेरिका ट्रैड डील किसानों की बर्बादी का समझौता – डा० ओमप्रकाश
हाइवे की जमीन की सीमा घटे और गत वर्ष के ओला पीड़ित किसानों को मिले मुआवजा
देश भर में किसान दुखी है , कर्ज में दबे है और आत्महत्याऐं कर रहे है – रामपाल जाट
देश में आर्थिक और सामाजिक गैरबराबरी बढ़ रही है
भरतपुर में लगे प्रदूषण रहित उद्योग धन्धे ‘ बेरोजगारी अधिक – इन्दल सिंह जाट
भरतपुर और डीग को एनसीआर से बाहर करने की माँग – मोहन सिंह गुर्जर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर । भरतपुर के कस्वा हलैना में आयोजित किसान सम्मेलन में जहाँ इआरसीपी को केन्द्र सरकार से तुरन्त राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर सूखी पड़ी वाणगंगा नदी में पानी लाने की हुई माँग वही केन्द्र सरकार द्वारा भारत – अमेरिका के बीच मोदी सरकार ने दबाब में आकर किये व्यापारिक समझौता ट्रैड़ डील को किसान मजदूर और छोटे व्यापारियों को बर्बाद करने बाला समझौता बताया । जबकि उपस्थित नेताओं और किसानों ने भरतपुर और डीग जिलो को एनसीआर से बाहर करने की माँ की ।
किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि केन्द्र सरकार अमेरिका के दबाब में है और अपने उद्योगपति साथियों को बचाने के लिये भारत की खेती किसानी को बर्बाद करना चहाती है , इस ट्रैड डील के बाद तो कपास ‘ मक्का ‘ सोयाबीन ‘ सेब ‘ पशुपालन से सम्बन्धि उत्पाद आदी उत्पादक किसान बर्बाद हो जायेगा जबकि अन्य उत्पाद में सभी किसान तवाह हो जायेंगे । उन्होंने कहा कि शून्य कर पर अमेरिका का उत्पाद हमारे यहाँ सस्ता पड़ेगा फिर हमारे किसानों का क्या होगा । हमारे उत्पादों पर 18% टेरिफ जब लगेगा तो हमारा उत्पाद कौन खरीदेगा । जिससे छोटे व्यापारी भी प्रभावित होगे ।
हरियाणा की धनकड़ खाप पंचायत के प्रधान डा० ओमप्रकाश धनकड़ ने कहा की केन्द्र सरकार की विदेश नीति भी विफल साहित हुई है , आज करीब करीब हमारे सभी पड़ौसी मुल्को से रिश्ते खराब है और पड़ौसी को नहीं बदला जा सकता । देश में नफरत पैदा की जा रही है ।
अलवर के किसान नेता विरेन्द्र मोर ने कहा कि देश भर के किसान दुःखी है संघर्षरत है लेकिन केन्द्र सरकार किसानो की नहीं सुनती । कृषि का बजट लगातार घटता जा रहा है और किसान मजदूर और पशुपालकों की सुवधाओं में लगातार मोदी सरकार कटौती करती जा रही है । डीग के किसान नेता मोहन सिंह गुर्जर ने कहा कि किसान खेती करना नहीं चहाता क्योंकि खेती में लाभ की बात तो दूर नहीं उनको लागत भी नहीं मिल पाती ‘ आज सभी किसान कर्जदार है और लाखों किसान अब तक आत्म हत्याऐं कर चुके है । केन्द्र सरकार किसानों को उनके उत्पादो के लाभकारी मूल्य तो देना दूर की बात है एमएसपी भी नहीं मिल रहा है । प्रोफेसर डा० संजय शर्मा ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2014 में किसानों की दुगनी आय करने का वायदा किया था जो झूठा सावित हुआ है ।
देश में आर्थिक और सामाजिक गैरबराबरी तेजी से बढ़ती जा रही है और इसके लिये भाजपा और उसकी सरकार की नीतिया जिम्मेबार है । केन्द्र सरकार की गलत नीतियो के ही कारण मात्र कुछ प्रतिशत लोग ही अरबपति होते जा रहे है और गरीब और गरीब होता चला जा रहा है । सरकार कमजोर और गरीब लोगो की सुविधाओं में लगातार कटौती करती जा रही है ।
शतायू पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा केन्द्र सरकार के नेताओं के भरोसे के है और उसी आधार पर मुख्यमंत्री बने है , मुख्यमंत्री को अपने सम्बन्धों के हिसाब से ईआरसीपी को शीघ्र राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराना चाहिये । गौरतलब है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं दो वर्ष पूर्व इआरसीपी पीकेसी का उदघाटन करके गये थे लेकिन ऐसा क्या कारण है कि इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया गया । उन्होंने बाढ़ रोकने के लिये गम्भीर नदी पर बाँध या ऐनिकट बनाने की जरूरत बताई ।
किसान नेता और किसान सम्मेलन के आयोजक इन्दल सिंह जाट ने कहा कि हम लोग पानी के लिये वर्ष 2007 से लगातार संघर्ष कर रहे है । वैर ‘ भुसावर ‘ हलैना सहित पूरे भरतपुर जिले में पानी का गम्भीर संकट है , गहरे पातालतोड़ ट्यूबबैल भी सूख चुके है , बाणगंगा नदी सूखी पड़ी है इसमें प्रथम चरण में पानी मिलना चाहिये । किसान बगैर पानी के परेशान है जबकि जरूरत से कई गुना अधिक पानी हर वर्ष चम्बल नदी से बेकार बहकर समुद्र में चला जाता है लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही ।
किसान नेता इन्दल सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की मनमानी और भाजपा की आपसी गुटबाजी के कारण पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना 10 वर्ष लेट हो चुकी है , और जो इआरसीपी की योजना 37 हजार करोड़ की थी वो आज 70 हजार करौड़ लागत की पहुंच गई अब इसे केन्द्र सरकार को शीघ्र राष्ट्रीय परियोजना घोषित करके बजट आवंटित करना चाहिये ताकी यह योजना जल्दि पूरी हो सके । उन्होंने कहा कि योजना पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा और इसमें सभी राजनैतिक दलों और संगठनों को भी कोशिश करनी चाहिये क्योंकि पानी सभी की जरूरत है ।
किसान नेता इन्दल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भरतपुर और डीग जिलो की सभी समस्याओं को भलिभाँती जानते है उन्हें बताने की जरूरत भी नहीं है । भरतपुर में पानी और रोजगार का गम्भीर संकट है । । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अभी तक अपने स्तर पर थोड़ा बहुत कार्य करा रही है लेकिन यह योजना वगैर केन्द्र सरकार की मदद के पूरी नहीं हो सकती ।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यमुना जल को चूरू और झूंझूनू तक पहुंचाने की बात कर रही है , हम उसका विरोध नहीं कर रहे है , लेकिन यमुना के पानी का समझौता वर्ष 1994 में हुआ था लेकिन द्वितिय चरण का पानी अभी तक डीग और भरतपुर को नहीं मिला है वो पानी भी यहाँ के किसानों को मिलना चाहिये ।
उन्होंने कहा कि गत दिन केन्द्रीय मंत्री द्वारा कहा गया था कि केविनेट की बैठक नही होने की वजह से इआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं मिल सका । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तो जब चाहे बैठक बुला सकते है , और जब जिस योजना का उदघाटन स्वयं प्रधानमंत्री ने किया हो तब इतना विलम्ब होना तरह तरह से संशय पैदा करता है ।
इस अवसर पर इस क्षेत्र के किसानों की और से पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन का उनके जीवन के सौ वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन किया गया और लोगों ने दीघायू होने की शुभकामनाएं दी । जुझारू किसान नेता इन्दल सिंह का भी स्वागत किया गया । अरावली संरक्षण यात्रा का भी सम्मान किया गया । बाहर से आये अतिथियों का स्वागत तथा हलैना ब्राहमण समाज द्वारा शतायू पंड़ित रामकिशन और अतिथियो का सम्मान किया गया ।
किसान सम्मेलन को डीग के किसान नेता मोहन सिंह गुर्जर ‘ अलवर के विरेन्द्र मोर ‘ राजाराम भूतौली ‘ डा० संजय शर्मा ‘ गिरराज सरपंच ‘ अन्नू ठाकुर ‘ केशव देव शर्मा सरपंच ‘ हाकिम सिंह गुर्जर ‘ अलवर के लोकेश फौगाट ‘ हरिसिंह कमालपुरा ‘ राम खिलाड़ी सैनी ‘ होती सैनी ‘ मिठ्ठू सिंह बाँसी ‘ राम कुमार भारद्धाज बाड़ी ‘ रोज खाप पंचायत के अनिल रोज ‘ अरावली संरक्षण यात्रा की कुसुम रावत , देवा गुरुजी हिन्डौन ‘ सत्य वीर जिलेदार पैघोर ‘ अंजली ‘ दिलीप जैन ‘ चन्द्र प्रकाश सौलंक ‘ पंड़ित राजदेव शास्त्री ‘ भगवत जाटव ‘ रामखिलाड़ी जाटव ‘ गुलाव बैद्य , बैध सतीश पालीवाल , रविन्द्र सिंह मूड़िय जाट ‘ बबली सरसैना ‘ रामेश्वर जहानपुर , सहित अनेक लोगो ने हिस्सा लिया ।
किसान सम्मेलन का संचालन इन्दल सिंह जाट ने किया ।


