शामली
पोंगा छोड़ोगे तो फसल डूबेगी
वैज्ञानिक तरीका अपनाओ तो पैदावार दोगुनी — पंजोखरा किसान गोष्ठी में गरजे विशेषज्ञ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कांधला : क्षेत्र के गांव पंजोखरा में गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और फसल को कीट-रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करनाल गन्ना संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. एस.के. पांडे तथा जिला गन्ना अधिकारी शामली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गोष्ठी में करीब ढाई सौ प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर आधुनिक खेती की बारीकियां सीखी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. पांडे ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसान गन्ने की कटाई के बाद खेत में “पोंगा” छोड़ देंगे तो मेहनत पर पानी फिरना तय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोंगे के अंदर ही कीट और रोग पनपते हैं, जो मौसम अनुकूल होते ही पूरी फसल को चपेट में ले लेते हैं।
उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीका अपनाने की सलाह देते हुए बताया कि 26 मिलीलीटर एथाफोन को 200 लीटर पानी में घोलकर ठूंठों पर स्प्रे करना अत्यंत लाभकारी है, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
किसानों को राहत देते हुए बताया गया कि शामली चीनी मिल द्वारा एथाफोन की 100 मिलीलीटर शीशी 50 प्रतिशत अनुदान पर मात्र 90 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है, जो लगभग 20 बीघा भूमि के लिए पर्याप्त है। जिला गन्ना अधिकारी ने जानकारी दी कि मिल परिसर में अन्य आवश्यक दवाइयां भी अनुदानित दरों पर “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर उपलब्ध हैं।
गोष्ठी में यूनिट हेड संजय शर्मा, गन्ना महाप्रबंधक सतीश बालियान, गन्ना सचिव एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
मिल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आगामी पेराई सत्र को देखते हुए उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऐसी जागरूकता गोष्ठियां निरंतर आयोजित की जाएंगी।
जागरूक किसान, सुरक्षित फसल और मजबूत आय — यही रहा गोष्ठी का मूल मंत्र।



