बागपत

रमेश प्रजापति: संघर्ष से संगठन तक का सफर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत।रमेश प्रजापति: संघर्ष से संगठन तक का सफर
प्रश्न 1: आपकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कैसे हुई?
रमेश प्रजापति:
मेरी नेतागिरी की शुरुआत वर्ष 1991 से हुई। उस समय समाजवादी विचारधारा से प्रभावित होकर मैंने संगठन के लिए काम करना शुरू किया। 1994 में मेरी मुलाकात मुलायम सिंह यादव जी से हुई। उसी दौरान इटावा के वरिष्ठ सपा नेता दयाराम प्रजापति जी के माध्यम से पार्टी से मेरा गहरा जुड़ाव हुआ। नेताजी ने मुझ पर विश्वास जताते हुए मुझे युवजन सभा का प्रदेश सचिव नियुक्त किया।
प्रश्न 2: संगठन में आपकी आगे की जिम्मेदारियाँ क्या रहीं?
रमेश प्रजापति:
1996 में मुझे जिला गाजियाबाद में मुलायम सिंह यादव जी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी का जिला महासचिव नियुक्त किया गया। 2003 तक लगातार तीन बार युवजन सभा का प्रदेश सचिव रहा।
इसके बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का प्रदेश महासचिव बनाया गया। यह मेरे लिए संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान था।
प्रश्न 3: चुनावी जिम्मेदारियों में आपका अनुभव कैसा रहा?
रमेश प्रजापति:
मुझे 54 जिलों का अधिवेशन चुनाव प्रभारी बनाया गया। यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी। संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुँचाना — यह मेरा प्रमुख लक्ष्य रहा।
प्रश्न 4: आयोग में आपकी भूमिका क्या रही?
रमेश प्रजापति:
2013 में मुझे उत्तर प्रदेश अनुसूचित जन जाति आयोग का सदस्य बनाया गया। एक वर्ष बाद मुझे अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान मुझे दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री का सम्मान भी मिला।
यह समय समाज के वंचित वर्गों की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का था। मैंने पूरी ईमानदारी से उनकी समस्याओं को उठाया।
प्रश्न 5: वर्तमान में आपकी क्या जिम्मेदारी है?
रमेश प्रजापति:
सरकार जाने के बाद मुझे पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। यह जिम्मेदारी आज भी मेरे पास है। संगठन के विस्तार और समाजवादी विचारधारा को मजबूत करना ही मेरा लक्ष्य है।
 सुरेंद्र मलानिया की टिप्पणी
रमेश प्रजापति का सफर बताता है कि राजनीति केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि निरंतर संघर्ष और संगठन के प्रति निष्ठा का परिणाम है। 1991 से शुरू हुई यात्रा आज राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच चुकी है।
समाजवादी विचारधारा के साथ उनका यह सफर आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
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