कसमार प्रखंड का दुर्गापुर गांव अनहोनी की आशंका से लोग नहीं खेलते होली

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो । कसमार प्रखंड के दुर्गापुर पंचायत के दुर्गापुर गांव के लोग सदियों से होली नहीं खेलते हैं होली के दिन गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहता है इस गांव के लोग होली के दिन अपने घर से निकलते भी नहीं है। क्या है मामला वजह दुर्गापुर के स्थानीय ग्रामीणों के कथना नुसार करीब 350 साल पहले यहां दुर्गा प्रसाद देव का शासन था। उसे समय पदमा (रामगढ़) के राजा के साथ हुए युद्ध में वह सपरिवार मारे गए थे। वह होली का दिन था तब से यहां के लोग होली को उत्सव के बजाय शौक के रूप में देखा जाता है। एक यह वजह है दूसरी वजह यह भी है कि गांव की दुर्गा पहाड़ी को बडराव बाबा के रूप में जाना जाता है ।ऐसी मान्यता है कि बाबा को रंग और धूल बिल्कुल भी पसंद नहीं है। उनकी इच्छा के विरुद्ध रंग खेलने पर गांव में अनहोनी का डर बना रहता है इसी तरह एक अन्य मान्यता है कि ग्रामीणों के अनुसार करीब 200 वर्ष पूर्व मल्हारो की एक टोली ने जबरन यहां होली खेली थी। इसके अगले ही दिन गांव में महामारी फैल गई और कई लोगों व पशुओं की मौत हो गई थी। तब से आज तक किसी ने दोबारा होली खेलने की हिम्मत नहीं दिखाई। इस संबंध में दुर्गापुर पंचायत के वर्तमान मुखिया अमरेश कुमार महतो बताते हैं कि यह सिर्फ डर नहीं बल्कि हमारी आस्था है। परंपराएं हमारी पहचान होती है।



