बीएसएल की नई कल्याणकारी पहल 7 हजार संविदा कर्मियों को 4 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो । बोकारो स्टील प्लांट ने अपने संविदा कर्मियों की सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘संजीवनी’ नामक समूह स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया है। यह कदम संयंत्र की अपने ठेका कर्मियों के समग्र कल्याण, सुरक्षा और सम्मानजनक कार्यपरिसर के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
‘संजीवनी’ योजना के अंतर्गत लगभग 7,000 संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। योजना का संचालन बोकारो वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा, जबकि बीमा कवरेज मेसर्स बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस योजना के तहत प्रत्येक बीमित संविदा कर्मी को 4 लाख तक की इन-पेशेंट (IPD) चिकित्सा सुविधा तथा 1,500 तक की आउट-पेशेंट सुविधा एक वर्ष की अवधि के लिए प्रदान की जाएगी। यह प्रावधान संविदा कर्मियों और उनके परिवारों को आकस्मिक स्वास्थ्य व्ययों से सुरक्षा प्रदान करेगा तथा उन्हें आर्थिक और मानसिक संबल देगा।
‘संजीवनी’ योजना पूरे सेल में इस तरह की एकमात्र योजना है जो न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि संविदा कर्मियों के मनोबल को भी सुदृढ़ करेगी। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि बीएसएल अपने कार्यबल के प्रत्येक वर्ग को संगठन की प्रगति का सहभागी मानते हुए समावेशी, उत्तरदायी और मानवीय कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयासरत है।
उल्लेखनीय है कि यह योजना ठेका कर्मियों के कल्याण के प्रति बीएसएल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को एक बार फिर स्थापित करती है और औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक कल्याण की दिशा में एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।
उद्योग और समाज का संगम: ‘कृतज्ञता पार्क’ बनेगा आभार का प्रतीक
बोकारो इस्पात संयंत्र को अपने स्थापना काल से ही स्थानीय निवासियों का निरंतर सहयोग, विश्वास और सहभागिता प्राप्त होती रही है। संयंत्र की आधारशिला से लेकर आज तक की प्रगति यात्रा में इस क्षेत्र के लोगों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय रहा है। उनकी प्रतिबद्धता, त्याग और सकारात्मक सहयोग के परिणामस्वरूप ही संयंत्र आज राष्ट्रीय औद्योगिक परिदृश्य में एक सशक्त स्थान प्राप्त कर सका है।
संयंत्र प्रबंधन स्थानीय समुदाय की इस भूमिका के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है। इसी भाव को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से प्रबंधन द्वारा सेक्टर-11 में “कृतज्ञता पार्क” की स्थापना की पहल की गई है। यह पार्क उन निवासियों के सम्मान में एक स्थायी स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा, जिन्होंने बोकारो इस्पात संयंत्र के निर्माण एवं विकास में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कृतज्ञता पार्क” केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उद्योग और समाज के बीच सुदृढ़ संबंधों का प्रतीक होगा। यह भावी पीढ़ियों को भी यह स्मरण कराएगा कि किसी भी औद्योगिक उपलब्धि के पीछे स्थानीय समुदाय की सहभागिता और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
संयंत्र प्रबंधन विश्वास व्यक्त करता है कि भविष्य में भी स्थानीय समुदाय का सहयोग और विश्वास इसी प्रकार बना रहेगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास और प्रगति को नई दिशा मिलती रहेगी।
विस्थापितों और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संयंत्र प्रबंधन ने उठायें कई कदम (विस्तारीकरण के साथ बढ़ेंगे और अवसर, सशक्त होगा स्थानीय समाज)
संयंत्र प्रबंधन ने क्षेत्र की जनता, विशेषकर विस्थापित परिवारों तथा स्थानीय युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक सकारात्मक एवं दूरगामी पहल की हैं। अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को संवेदकों के माध्यम से संयंत्र के कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर नियोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें और उनके कौशल का समुचित उपयोग हो सके। अब तक 100 से ज्यादा युवाओं को समायोजित किया जा चुका है, वहीँ अगले 1-2 महीनो में 125 और युवाओं को समायोजित करने से सम्बंधित सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया गया है।
इसी प्रकार, विस्थापित ठेकेदारों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य आवंटित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह पहल न केवल आजीविका के साधन सृजित करती है, बल्कि संयंत्र और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करती है।
संयंत्र प्रबंधन समय-समय पर संवाद एवं समन्वय के माध्यम से क्षेत्र की अपेक्षाओं को समझने और समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। प्लांट के प्रस्तावित विस्तारीकरण से उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय विकास के नए आयाम खुलने की प्रबल संभावना है। इससे ऐसे कल्याणकारी एवं सहभागितापूर्ण पहलों को और गति मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।



