माता प्रसाद लाइब्रेरी ‘शक्ति केंद्र’ के रूप में करेगी कार्य : सौरभ द्विवेदी।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन। बुंदेलखंड के शैक्षिक परिदृश्य को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी( संपादक इंडियन एक्सप्रेस) एवं पूर्व संपादक द लल्लनटॉप एवं इंडिया टुडे हिंदी , ने घोषणा की है कि देश-राग ट्रस्ट आने वाले समय में बुंदेलखंड क्षेत्र में 100 लाइब्रेरियां स्थापित करेगा।
इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत 8 मार्च 2026 को चमारी गांव में माता प्रसाद लाइब्रेरी के उद्घाटन के साथ होगी। यह गांव विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह सौरभ द्विवेदी का पैतृक गांव भी है। इस लाइब्रेरी का नाम सौरभ द्विवेदी ने अपने दादा स्वर्गीय माता प्रसाद की स्मृति में रखा है, जिन्हें वे अपने जीवन में शिक्षा और ज्ञान के संस्कारों का स्रोत मानते हैं।
इस पहल के बारे में बताते हुए सौरभ द्विवेदी ने कहा कि पुस्तकें और पुस्तकालय उनके जीवन और करियर की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी उपलब्धियां उन्हें मिली हैं, उनमें पुस्तकों का सबसे बड़ा योगदान है। इसलिए वे चाहते हैं कि बुंदेलखंड के गांवों और युवाओं तक भी ज्ञान का यह संसाधन सुलभ हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लाइब्रेरियां केवल पारंपरिक पुस्तकालय के रूप में ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांवों में ‘शक्ति केंद्र’ के रूप में विकसित होंगी, जहां ज्ञान, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।
माता प्रसाद लाइब्रेरी में 15 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध होंगी, जो कक्षा 1 के विद्यार्थियों से लेकर 6 वर्ष से अधिक आयु के सभी पाठकों के लिए उपयोगी होंगी। लाइब्रेरी में प्रत्येक शिफ्ट में लगभग 100 पाठकों के बैठने की व्यवस्था होगी और यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यहां वाई-फाई सुविधा, विभिन्न प्रकाशनों की पुस्तकें तथा शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे आसपास के गांवों के विद्यार्थियों और युवाओं को लाभ मिलेगा।
इस परियोजना के लिए भूमि स्थानीय नगर पंचायत के सहयोग से उपलब्ध कराई गई है, जो समाज और स्थानीय प्रशासन के बीच सहयोग का एक अच्छा उदाहरण है।
परियोजना की एक विशेष योजना ‘मूविंग लाइब्रेरी’ की भी है, जिसके माध्यम से चलित पुस्तकालय आसपास के गांवों में जाकर उन लोगों तक भी किताबें पहुंचाएगा, जहां पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
लाइब्रेरी परिसर के ऊपरी तल पर ‘गूंज’ नाम से एक रचनात्मक स्थल भी बनाया गया है, जिसे आर्टिस्ट रेजिडेंस और सांस्कृतिक संवाद केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लेखक, कलाकार और विचारक ठहरकर स्थानीय युवाओं के साथ संवाद और रचनात्मक गतिविधियां कर सकेंगे।
8 मार्च को होने वाले उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे, प्रसिद्ध कॉमेडियन जाकिर खान तथा दृष्टि आईएएस के संस्थापक और शिक्षाविद् डॉ. विकास दिव्यकीर्ति, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि कुमार विश्वास , राज्य सभा के उप-सभापति विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।इसके साथ ही प्रदेश सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के साथ साथ लगभग 40 से अधिक विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहेंगे।ज्ञान तक पहुंच, डिजिटल सुविधाओं और सामुदायिक सशक्तिकरण पर आधारित देश राग ट्रस्ट की यह पहल बुंदेलखंड के शैक्षिक माहौल को नई गति देने वाली साबित हो सकती है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में जागरूकता, रचनात्मकता और सामूहिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।
सौरभ द्विवेदी ने उम्मीद जताई कि ये लाइब्रेरियां केवल पढ़ने का स्थान ही नहीं होंगी, बल्कि सामाजिक जागरूकता, रचनात्मकता और सामुदायिक विकास के केंद्र बनकर समाज के समग्र उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी।


