गोड्डा
निगाहे वली में वह तासीर देखी, बदलती हजारों की तकदीर देखी, उर्स मुबारक आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बसंतराय। सीमावर्ती क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सूफी संत सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्ला अलैह के उर्स मुबारक के मुक़द्दस मौके पर अकीदतमंदों की हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। सामाजिक सौहार्द के प्रतीक और सूफीवाद के सिद्धांतों को इस क्षेत्र के आगे बढ़ाने में सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्लाह आलैह की माहिती भूमिका रही। यही वजह है कि हर साल 5 मार्च को हजारों हजार की संख्या में अकीदतमंद आपके मजार ए मुकद्दस पर हाजिरी देकर अकीदत के जबींन को झुकाते हैं और नजराना ए मोहब्बत के साथ पेश करते हैं ।आज के इस उर्स ए पाक के मौके पर बड़ी तादाद में मुस्लिम भाइयों के साथ गैर मुस्लिम भाइयों ने भी हाजिरी और नजराना के तौर पर चादर पेश कर खराज ए अकीदत पेश किया। रमजान का महीना होने की वजह से तरावीह नमाज़ के बाद सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्ला अलैह के मजार ए मुकद्दस पर चढ़ाए जाने वाली चादर को गांव में गश्त कराया गया। गांव में गश्ती के बाद चादर को मजार शरीफ पर चढ़ाया गया। उसके बाद एक के बाद एक लगभग 114 तादाद में चादरपोशी की गई।चादरपोशी के उपरांत क्षेत्र देश एवं दुनिया में शांति सद्भाव और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गई।


