
लखनऊ । बसपा सुप्रीमो मायावती ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके पद के अनुसार प्रोटोकॉल न मिलने पर नाराजगी जताई और कहा कि जो भी हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर हुए घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीख देते हुए कहा कि राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ ही आदिवासी समाज से भी आती हैं। सभी को संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने एक्स पर जारी किए गए बयान में कहा कि भारतीय संविधान के आदर्श व मान-मयार्दा के मुताबिक सभी को मा. राष्ट्रपति पद का सम्मान करना एवं इनके प्रोटोकाल का भी ध्यान रखना जरूरी है तथा इस पद का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है।
वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ वे आदिवासी समाज से भी हैं लेकिन अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे को लेकर जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसी प्रकार, पिछले कुछ समय से संसद में भी खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद का भी जो राजनीतिकरण कर दिया गया है यह भी उचित नहीं है। सभी को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आदर-सम्मान करना चाहिए व उनकी गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिये तो यह बेहतर होगा। इसी क्रम में संसद का कल से शुरू हो रहा सत्र देश व जनहित में पूरी तरह से सही से चले यही लोगों की अपेक्षा व समय की भी मांग है।
बता दें कि राष्ट्रपति जब बंगाल में आदिवासी समाज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचीं तो प्रोटोकॉल के अनुसार उनके स्वागत के लिए न ही मुख्यमंत्री मौजूद रहीं और न ही कोई मंत्री। इसके पहले कार्यक्रम स्थल को भी बदल दिया गया जिसे लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नाराजगी जताई।



