‘फ़ोरम फ़ॉर अवेयरनेस एंड नेशनल सिक्योरिटी’ (FANS) और ‘दिल्ली मैनेजमेंट एसोसिएशन’ (DMA) द्वारा इंडिया हैबिटेट सेंटर में एक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित
राष्ट्रीय सुरक्षा में व्यापार, उद्योग और वाणिज्य की भूमिका को बढ़ाने पर हुई चर्चा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
नई दिल्ली : ‘फ़ोरम फ़ॉर अवेयरनेस एंड नेशनल सिक्योरिटी’ (FANS) ने ‘दिल्ली मैनेजमेंट एसोसिएशन’ (DMA) के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में “राष्ट्रीय सुरक्षा (आंतरिक और बाहरी दोनों) में व्यापार, उद्योग और वाणिज्य की भूमिका को बढ़ाने” पर एक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी प्रलेखित और साझा करने योग्य कार्यप्रणाली पर चर्चा करना और उसका प्रस्ताव देना था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा में उद्योग और व्यापार भूमिका के विस्तार और भागीदारी सुनिश्चित कर सके।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय सेना के रिटायर्ड वाइस चीफ और FANS के नेशनल प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अरविंदर सिंह लांबा (PVSM, AVSM) ने की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य और FANS के पूर्व नेशनल ऑर्गनाइज़ेशनल सेक्रेटरी श्री गोलोक बिहारी राय, जम्मू की MLA देवयानी राणा और छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CGSCPCR) की चेयरपर्सन, राज्य मंत्री और FANS की नेशनल जनरल सेक्रेटरी डॉ. वर्णिका सिंह भी शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में FANS और DMA के जाने-माने वक्ताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की, जैसे: व्यापार और स्थिरता पर BRICS का प्रस्ताव, FTA को अपनाना (समय की ज़रूरत और चुनौतियां), राष्ट्रीय सुरक्षा के साधन के तौर पर व्यापार में विविधता लाना, व्यापार का हथियार के तौर पर इस्तेमाल और व्यापार के अन्य रास्ते (हाल के युद्ध क्षेत्रों से सीख), आपसी फायदे के लिए टेक्नोलॉजी का ट्रांसफर और समझौते, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, डिफेंस टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम सेक्टर में स्वदेशी क्षमताएं और टेक्नोलॉजी, संस्थानों में क्षमता निर्माण को मज़बूत करने के लिए बेहतर बिज़नेस मॉडल बनाना, R&D पर खर्च (प्राइवेट सेक्टर की भूमिका), संस्थानों में रिसर्च के कमर्शियलाइज़ेशन की दर (ग्लोबल बेंचमार्क और हमारी रणनीति), और बदलती दुनिया में पूंजी की उपलब्धता, स्टार्टअप और बिज़नेस से जुड़े नियम-कानून।
इस कार्यक्रम के दौरान, DMA के प्रेसिडेंट और भारत सरकार के रेल मंत्रालय (नॉर्दर्न रेलवे) में OSD, डॉ. नवनीत कुमार शर्मा (IRSS) ने DMA का परिचय दिया और कहा कि DMA मैनेजमेंट और एक्सीलेंस का एक केंद्र है। किसी भी देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए डिफेंस को मज़बूत बनाना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में टाटा ने C295 एयरक्राफ्ट बनाया है, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
DMA के वाइस प्रेसिडेंट और कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज़ के चीफ, कुमार पार्थ धीरज सिंह बोस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में जागरूकता सिर्फ़ डिफेंस की ही ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है; कंपनियां इस सेक्टर में रोज़गार देकर क्वालिटी को बेहतर बनाने में शानदार भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ हमें भी सशक्त बनने की ज़रूरत है।
लेफ्टिनेंट जनरल अरविंदर सिंह लांबा, रिटायर्ड भारतीय सेना के वाइस चीफ, PVSM, AVSM और FANS के नेशनल प्रेसिडेंट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभी हमारे सामने कई चुनौतियां और दुश्मन हैं। हमें डिफेंस टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को स्थापित करने और फैलाने के लिए माहौल बनाने की ज़रूरत है। हम सभी को यह सोचना चाहिए कि हम भी राष्ट्रीय सुरक्षा और डिफेंस का हिस्सा हैं। यह समझने का समय है कि युद्ध की स्थिति कैसे बदल सकती है। अपने भाषण में उन्होंने बाबा कल्याणी का ज़िक्र किया और बताया कि कम समय तक चलने वाले युद्ध (शॉर्ट वॉर) का अनुमान लगाना भी हमारे सामने एक चुनौती है।
FANS के नेशनल जनरल सेक्रेटरी विक्रमादित्य सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हम जो सोचते हैं, यह ब्रह्मांड उसे सुनता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हम नए क्षेत्र और सीमाएं तय कर सकते हैं, ऐसी कौन सी नीतियां हैं जिनकी ज़िम्मेदारी यह चैंबर ले सकता है और क्या हमारे डिफेंस सिस्टम के लिए हमारे पास स्वदेशी टेक्नोलॉजी है। उन्होंने कहा कि देश की जड़ों को मज़बूत करने में जो भी भूमिका निभाएगा, उसमें FANS अपना योगदान देगा।
इस राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में एक पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया, जिसे दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज के फैकल्टी डॉ. मंजीत सिंह ने संचालन किया। इस सेशन के पैनलिस्ट में मेजर जनरल (रिटायर्ड) डॉ. सौरेश भट्टाचार्य (दिल्ली प्रेसिडेंट, FANS), डॉ. नवनीत कुमार शर्मा (प्रेसिडेंट, DMA), डॉ. अभिषेक टंडन (फैकल्टी, DU), सिद्धार्थ शर्मा (को-फाउंडर, मनी ट्री पार्टनर्स) और CA शिल्पी सिक्का शामिल रहे। पैनल डिस्कशन में ट्रेड वॉर और भारत की स्थिति, BRICS सेटलमेंट सिस्टम की संभावनाओं, भारतीय बाज़ार पर प्रतिबंध लगाने की अमेरिकी नीतियों, आर्थिक सुरक्षा की सेंसरशिप, BRICS के दौरान ग्लोबल साउथ की आवाज़ के तौर पर भारत और डिफेंस में MSME में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
डॉ. नवनीत ने कहा कि हम ट्रेड बातचीत की ओर बढ़ रहे हैं और इसका इस्तेमाल व्यापार और सामान के लिए एक हथियार के तौर पर किया जा सकता है।
डॉ. सौरेश भट्टाचार्य ने ROI (निवेश पर रिटर्न) और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बाज़ार पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे युद्ध कभी लंबे समय तक नहीं चलते। हमें आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने की ज़रूरत है। हाल के वर्षों में सरकार ने डिफेंस सेक्टर के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने बताया कि बाबा कल्याणी डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बहुत प्रयास कर रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि 10 साल पहले की तुलना में अब भारत का भविष्य उज्ज्वल है।
सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि 2022-25 के दौरान डिफेंस इंडस्ट्री ने भारतीय बाज़ार में तेज़ी से विस्तार किया है। अभी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सबसे अहम सेक्टर है। CA शिल्पी सिक्का ने बताया कि FTA से बहुत सारे मौके मिलेंगे और हर इंडस्ट्री बहुत तेज़ी से बढ़ेगी; साथ ही, US डॉलर को दरकिनार करना सबसे ज़रूरी बात है। इस कॉन्फ्रेंस में DMA के सदस्यों, श्री राम इंस्टीट्यूट से निदेशक डॉ. जगदीश, मनदीप सिंह और आकाश अग्रवाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सप्लाई चेन की सुरक्षा, स्वदेशी तकनीक, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, साइंटिफिक इंडस्ट्री और रिसर्च, डिफेंस सेक्टर के लिए आर्थिक मज़बूती, डिफेंस में AI का इस्तेमाल और रिसर्च व शिक्षा की भूमिका जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। विश्वरूपम गुरुकुलम के फाउंडर आचार्य धीरज सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उनके विचारों ने सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब किसी देश के नाम के साथ ‘सुरक्षा’ शब्द जुड़ता है, तो उस देश के लिए अखंडता, सम्मान और ईमानदारी सबसे अहम हो जाती है। अभी हमारा देश तेज़ी से बदलते दौर से गुज़र रहा है। हमें अपनी क्षमताओं को सीमाओं की सुरक्षा के साथ तालमेल रखने की ज़रूरत है। हम अपनी जड़ों, योग और वेदों से दूर होते जा रहे हैं। हमें अपनी बाहरी ताकतों को राम और रावण के गुणों के अनुसार ढालने की ज़रूरत है। भारतीय सेना के रिटायर्ड वाइस चीफ (PVSM, AVSM) और FANS के नेशनल प्रेसिडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंदर सिंह लांबा ने अपने उत्साह बढ़ाने वाले शब्दों के साथ कॉन्फ्रेंस का समापन किया। इस कार्यक्रम में FANS और DMA के सदस्यों ने हिस्सा लिया।




