सूचनाधिकार कानून पर कार्य शाला का आयोजन कसमार में

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। कसमार नागरिक मंच की ओर से सोमवार को गर्री पंचायत भवन के सभागार में सूचनाधिकार पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कसमार प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से पहुंचे लोगों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं एवं इसकी बारीकियों की जानकारी दी गयी। कार्यक्रम का उद्घाटन सहयोगिनी संस्था के निदेशक गौतम सागर, शिक्षाविद दुर्गा प्रसाद प्रजापति, जैनामोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह, भाकपा माले नेता शकुर अंसारी, आरटीआई एक्टिविस्ट नीरज भट्टाचार्य, विवेकानंद स्टडी सेंटर के निदेशक संजय शर्मा एवं सत्यवर्धन जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की विस्तृत जानकारी दी गयी। खासकर कानून के तहत सूचना मांगने के नियम, आवेदन का प्रारूप, सूचना मांगने के तरीके तथा निर्धारित समय पर सूचना नहीं मिलने की स्थिति में प्रथम एवं द्वितीय अपील सहित आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गयी। इस अवसर पर सहयोगिनी संस्था के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि सूचना का अधिकार आम नागरिक को शासन-प्रशासन से सवाल पूछने और सार्वजनिक कार्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि आरटीआई का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। आम लोगों को अपने अधिकार की जानकारी होगी, तभी वे योजनाओं और सरकारी कार्यों की सही जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जैनामोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि आरटीआई कानून लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों, खर्च और निर्णयों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर नागरिक व्यवस्था की निगरानी में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूचना मांगते समय आवेदन को स्पष्ट और तथ्यपरक रखना चाहिए, ताकि संबंधित विभाग से निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी प्राप्त की जा सके। शिक्षाविद दुर्गा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि सूचना का अधिकार केवल कागज पर मौजूद कानून नहीं, बल्कि आम नागरिक के हाथ में दिया गया महत्वपूर्ण अधिकार है। गांव-समाज के लोगों को इसकी जानकारी होने से वे अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जान सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान आरटीआई एक्टिविस्टों ने लोगों को आवेदन लिखने की प्रक्रिया, लोक सूचना पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देने, निर्धारित अवधि में सूचना नहीं मिलने पर अपील करने तथा सूचना उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। मौके पर आरटीआई एक्टिविस्ट कमलेश जायसवाल, बरईकला पंसस दिलीप महतो, प्रवीन कुमार, विकास गोस्वामी, किसुन कपरदार, शेखर शरदेंदु, रमेश चंचल, गोलक नाथ ठाकुर, रविशंकर प्रजापति, बजरंगी प्रजापति, रूपेश महतो, मिथिलेश महतो, सनातन महतो, पंकज कपरदार, एनामुल अंसारी समेत अन्य लोग मौजूद थे।



