बालाघाट
रीवा में पढ़ाई, आईआईटी रुड़की से बीटेक और अब बालाघाट की जिम्मेदारी—जानिए IAS आदित्य सिंह
हरदा और अशोकनगर जिले में कलेक्टर के रूप में दे चुके हैं सेवाएं, प्रशासनिक क्षेत्र में विभिन्न पदों पर रहा अनुभव

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। बालाघाट कलेक्टर आदित्य सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2014 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले के निवासी आदित्य सिंह ने तकनीकी शिक्षा के बाद प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विभिन्न जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव उनके सेवाकाल का प्रमुख हिस्सा रहा है।
आदित्य सिंह ने कक्षा दसवीं तक की पढ़ाई रीवा में की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के कोटा स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से 11वीं और 12वीं की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में प्रवेश लिया, जहां से पेपर टेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री हासिल की।
आईएएस अधिकारी के रूप में अपने सेवाकाल के दौरान आदित्य सिंह विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे गुना में अपर कलेक्टर और मध्य प्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में उपसचिव के पद पर भी रहे। इसके बाद उन्हें जिला कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी मिली।
आदित्य सिंह ने 9 फरवरी 2024 से 14 अप्रैल 2025 तक हरदा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्य किया। इसके बाद 15 अप्रैल 2025 से 22 जनवरी 2026 तक वे अशोकनगर जिले के कलेक्टर रहे। इन दोनों जिलों में कलेक्टर के रूप में सेवाएं देने के बाद उनका प्रशासनिक दायित्व बदला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बालाघाट में पदस्थापना से पहले वे भोपाल स्थित गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
आईआईटी रुड़की से तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने से लेकर प्रदेश के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी निभाने तक का उनका सफर प्रशासनिक सेवा में उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि को दर्शाता है।


