बरेली
एसआरएमएस में विश्व ट्रॉमा दिवस पर डीआईजी ने लांच किया जीवन रक्षक ऐप
112 के पुलिसकर्मियों को मिलेगा ट्रॉमा वर्सेस रेस्पांड कोर्स का प्रशिक्षण

ट्रॉमा के बाद स्वस्थ हुए छह मरीजों ने सुनाई आपबीती, ईश्वर और एसआरएमएस को दिया धन्यवाद
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग द्वारा आयोजित ट्रॉमा वीक के अंतिम दिन शनिवार को विश्व ट्रॉमा दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि डीआईजी अजय साहनी ने एमबीबीएस छात्रों अमृत पुंडीर और यश द्वारा बनाई गई ट्रॉमा रजिस्ट्री एंड एंबुलेंस ऐप जीवन रक्षक लांच की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में यह क्रांतिकारी कदम है। इससे गोल्डन ऑवर में घायलों को चिकित्सकीय मदद मिलेगी और सड़क हादसों में जनहानि कम होगी।
डीआईजी ने घोषणा की कि एसआरएमएस की इमरजेंसी एंड ट्रॉमा टीम के साथ मंडल के सभी जिलों के पुलिसकर्मियों को ट्रॉमा वर्सेस रेस्पांड कोर्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसकी शुरुआत आपातकालीन सेवा 112 के पुलिसकर्मियों से होगी। कार्यक्रम में डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन आदित्य मूर्ति, प्रिंसिपल एयर मार्शल सेवानिवृत्त डॉ. एमएस बुटोला, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरपी सिंह, डीन यूजी डॉ. बिंदु गर्ग, डॉ. मिलन जायसवाल, डॉ. वंदना नेगी, डॉ. विश्वजीत सिंह, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एसके राय, ट्रॉमा सर्जरी एंड क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. हर्षित अग्रवाल, पैथोलॉजिस्ट डॉ. हर्षिता अग्रवाल, देविशा मूर्ति, न्यूरो सर्जन डॉ. शशांक साह, आर्थोपैडिक सर्जन डॉ. अपसर खान, कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. अपूर्व प्रताप सिंह, डॉ. अमित प्रियदर्शी, डॉ. नम्रता और डॉ. एसके कौशिक मौजूद रहे। पैनल डिस्कशन का संचालन डॉ. हर्षित अग्रवाल ने किया।
स्वस्थ हुए मरीजों में अनिकेत यादव खटीमा, आशीष कासगंज, अविरल सक्सेना सुभाष नगर बरेली, जगदीश हल्द्वानी, नरेश कुमार स्वार रामपुर और शिवम पंत नेपाल शामिल रहे।




