जामताड़ा
करमाटांड़ में गूंजे हर-हर गंगे के जयकारे अलौकिक महा गंगा आरती ने मोहा मन
उमड़ी हजारों की भीड़ भव्य आयोजन से सराबोर हुआ करमाटांड़ हटिया प्लॉट

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जामताड़ा जिले के अंतर्गत करमाटांड़ स्थित हटिया प्लॉट दुर्गा मंदिर परिसर इन दिनों आध्यात्मिक और भक्तिमय माहौल से सराबोर है। यहाँ आयोजित भव्य महा गंगा आरती ने पूरे क्षेत्र को काशी (बनारस) की तर्ज पर दिव्यता से भर दिया। इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने और इसमें शामिल होने के लिए आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा परिसर खचाखच भर गया और चारों तरफ उत्साह का माहौल देखने को मिला।
बनारस के प्रसिद्ध पंडितों द्वारा अलौकिक गंगा आरती
आयोजन का मुख्य आकर्षण वाराणसी (बनारस) से विशेष रूप से पधारे प्रसिद्ध और विद्वान पंडितों द्वारा की गई महा गंगा आरती रही। माँ गंगा के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब विशाल दीपों और भव्य कलात्मक दीपस्तंभों के साथ आरती शुरू हुई, तो पूरा वातावरण पूरी तरह से मंत्रमुग्ध करने वाला बन गया। काशी की तर्ज पर सजे मंच और विधि-विधान से संपन्न कराई गई इस आरती ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के मन में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा और आनंद भर दिया। हर-हर गंगे और दुर्गा माता के जयकारों से पूरा करमाटांड़ गूंज उठा।
दिग्गज नेताओं की उपस्थिति और गरिमामयी भागीदारी
इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह और जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र मंडल विशेष रूप से पहुँचे। आयोजनों की भव्यता को देखकर उन्होंने आयोजकों की पूरी टीम की सराहना की और इस तरह के धार्मिक आयोजनों को संस्कृति और समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया।
भव्य सम्मान और माता रानी का आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक और आदरपूर्ण तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह को मंदिर समिति और आयोजकों की ओर से माता रानी का पवित्र चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, उन्हें श्रद्धा स्वरूप दुर्गा माँ का एक आकर्षक पोस्टर और विशेष प्रतिमा भी भेंट की गई। नेताओं ने भी माता रानी के दरबार में माथा टेककर क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
श्रद्धालुओं का उत्साह और सफल प्रबंधन
हजारों की संख्या में पहुँची भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने में स्थानीय कमेटियों और स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभाई। इस महा गंगा आरती के आयोजन से न केवल करमाटांड़ बल्कि पूरे जामताड़ा जिले में एक नई धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ है। लोग इस आयोजन को लंबे समय तक याद रखने की बात कह रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे भव्य आयोजनों की उम्मीद जता रहे हैं




