महाराष्ट्र

भारतीय प्रशासनिक तंत्र पर व्यंग्यात्मक दृष्टि

आई एम सॉरी’ के हिंदी एवं अंग्रेज़ी संस्करणों का विमोचन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

मुंबई : भारतीय प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली, जटिलताओं और प्रक्रियागत विसंगतियों पर केंद्रित पुस्तक ‘आई एम सॉरी’ के हिंदी एवं अंग्रेज़ी संस्करणों का विमोचन मुंबई के होटल ताज सांताक्रुज़ में प्रसिद्ध लेखक श्री चेतन भगत ने किया। पुस्तक के लेखक सीए (डॉ.) गौतम कोठारी डी.लिट. हैं।

इस अवसर पर श्री कोठारी द्वारा पुस्तक की भावना को अभिव्यक्त करता हुआ यह शेर प्रस्तुत किया गया-

“फ़ाइलों की धूल में दबे हैं कितने सवाल,
‘आई एम सॉरी’ ने खोले हैं व्यवस्था के हाल।”

‘आई एम सॉरी’ प्रशासनिक व्यवस्था को व्यंग्य, विश्लेषण और अनुभवों के माध्यम से समझने का एक रचनात्मक प्रयास है। पुस्तक में सरकारी प्रक्रियाओं, औपचारिकताओं, निर्णय-प्रणाली और व्यवस्था के भीतर मौजूद विरोधाभासों को सहज एवं प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक की प्रमुख विशेषता इसका क्रमबद्ध अध्ययन और व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति का संयोजन है। ‘आई एम सॉरी’ शीर्षक स्वयं औपचारिक क्षमायाचनाओं और वास्तविक समाधान के बीच के अंतर की ओर संकेत करता है। यह पुस्तक प्रशासनिक व्यवस्था को केवल आलोचना के विषय के रूप में नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सुधार की संभावनाओं वाले तंत्र के रूप में देखने का अवसर देती है।
पुस्तक का विमोचन होटल ताज शांताक्रूज़ मुंबई में प्रसिद्ध लेखक श्री चेतन भगत ने किया। उन्होंने कहा कि लेखन की न कोई उम्र होती कई और न कोई बंधन। अपने अनुभव और सोच को समाज तक पहुंचाना सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है।समाज को बेहतर दिशा देने का काम एक लेखक ही कर सकता है।

हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रकाशन से पुस्तक की पहुँच व्यापक पाठक-वर्ग तक होगी। प्रशासन, उद्योग, प्रबंधन, सार्वजनिक नीति, साहित्य और सामाजिक सरोकारों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी और विचारोत्तेजक हो सकती है।

सीए (डॉ.) गौतम कोठारी डी.लिट. उद्योग एवं संस्थागत गतिविधियों से जुड़े होने के साथ लेखन और सामाजिक विमर्श में भी सक्रिय हैं। उनकी यह कृति प्रशासनिक अनुभवों को साहित्यिक व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए व्यवस्था पर सार्थक संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

‘आई एम सॉरी’ का विमोचन प्रशासनिक तंत्र, जवाबदेही और सुशासन पर सार्वजनिक चर्चा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

चित्र में चेतन भगत,गौतम कोठारी ,मधु कोठारी ,पीथमपुर औद्योगिक संगठन के महासचिव उमेश द्विवेदी

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