शामली
नैनो उर्वरकों के प्रयोग से बढ़ेगी फसल की गुणवत्ता, लागत में आएगी कमी
इफको के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहकारी समिति के सचिवों को दी गई जानकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। इफको की ओर से गुरुवार को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय में नैनो उर्वरकों पर आधारित सहकारी कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता धर्मेंद्र कुमार ने की। इसमें सहकारी समितियों के सचिवों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर सहित अन्य कृषि उत्पादों के प्रयोग की विधि और उनके लाभों की जानकारी दी गई।
इफको के उप क्षेत्र प्रबंधक विवेक सिंह ने जल विलेय उर्वरकों, जैव उर्वरकों, सागरिका और नेचुरल पोटाश आदि उत्पादों के उपयोग और लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गन्ने सहित अन्य फसलों में 40 से 45 दिन की अवस्था पर नैनो यूरिया प्लस का पांच मिलीलीटर तथा नैनो जिंक और नैनो कॉपर का एक-एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव किया जा सकता है। आवश्यकता के अनुसार 20 से 25 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव करने की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही नैनो उर्वरकों और अन्य उत्पादों की बिक्री पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि तथा संकट हरण बीमा योजना के बारे में बताया गया।
इफको मेरठ मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक कृष्ण कुमार चौहान ने दानेदार यूरिया और डीएपी के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के उपयोग की विधि और लाभ बताए। उन्होंने कहा कि आगामी गेहूं की फसल में नैनो डीएपी से बीज उपचार के लिए प्रति किलोग्राम बीज पर 10 मिलीलीटर की मात्रा का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा बुवाई के 40 से 45 दिन बाद पांच मिलीलीटर नैनो डीएपी प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक प्रयोग से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल सकती है। इस दौरान दानेदार उर्वरकों पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी तथा पीओएस मशीन के संचालन के बारे में भी सचिवों को जानकारी दी गई।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक धर्मेंद्र कुमार ने समिति सचिवों से किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस के सही प्रयोग के बारे में जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को इन उत्पादों के लाभों की जानकारी देकर खेती की लागत कम करने, फसल की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर पैदावार प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
इफको किसान फाइनेंस लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक हरीश बालियान ने किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद के लिए उपलब्ध वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में एडीसीओ नीरज कुमार, समस्त एडीओ, बी-पैक्स के सचिव तथा इफको एसएफए शिवम कुमार और कपिल कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
