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 पंजाब चुनाव से पहले सिख संगत दल को और मजबूत करेगा संघ

इन राज्यों के चुनाव के लिए भी रणनीति तैयार

अलीगढ़ । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंजाब चुनाव से पहले सिख संगत दल को और मजबूत करेगा। यूपी, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के चुनाव के लिए भी रणनीति तैयार की जा रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक का मुख्य एजेंडा सांगठनिक ढांचे में बदलाव और शताब्दी वर्ष के आगामी कार्यक्रम तय करना तो है ही, साथ ही आने वाले विधान सभा चुनावों पर चर्चा भी है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत की लंबी बातचीत हुई है।
नबीन बैठक शुरू होने से एक दिन पहले ही पहुंच गए थे। बैठक में शामिल लोगों का कहना है कि पंजाब चुनाव के मद्देनजर सिख संगत दल को और मजबूत करने पर भी बात हुई है। राष्ट्रीय सिख संगत दल संघ से संबद्ध है। पंजाब चुनाव से पहले संगठन की गतिविधियां तेज की जाएंगी। संघ इसके माध्यम से घर-घर संपर्क करेगा। सामाजिक समरसता और ममता संगम के कार्यक्रम किए जाएंगे।
पंजाब में नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ विदेश में जाकर बसे पंजाब के लोगों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़ेगा। इसी साल तमिलनाडु और केरल में विधानसभा के चुनाव हैं। इसके बाद 2027 में उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं।
संघ ने संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती बड़े स्तर पर मनाने की भी तैयारी की है। सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को बैठक के दूसरे दिन संत रविदास पर पूरा वक्तव्य दिया है। संघ इन कार्यक्रमों से पंजाब के साथ उत्तर प्रदेश को भी साधेगा। संघ इसके साथ युवाओं को इस साल साधेगा। शताब्दी वर्ष के बाकी कार्यक्रम भी युवाओं के साथ किए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक पानीपत के पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र में शनिवार को दूसरे दिन सुबह नौ बजे शुरू हुई। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत व सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बैठक शुरू कराई। दत्तात्रेय होसबोले ने संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष पर अपना वक्तव्य दिया। इससे पहले संत रविदास को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
बैठक में संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास के सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के उन्मूलन को याद किया। साथ ही मुस्लिम आक्रमणकारियों के समय समाज व देश में मजबूती लाने के प्रयासों को याद किया। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि वर्तमान समय में जब विविध विभाजनकारी शक्तियां जन-मानस को वर्ग और जाति के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही हैं, उस समय संत रविदास के जीवन-संदेश के मर्म को समझकर देश और समाज की एकात्मता के लिए कार्य करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है।
संघ प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में करेगा काम
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करेगा। इसके लिए सिखों के सातवें गुरु हरराय साहिब के जीवन और प्रकृति संरक्षण को आधार मानकर काम करेगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर देशभर में पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण के कार्य किए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन शनिवार को इस पर चर्चा की। सुरेश जोशी ने समाज को संदेश दिया कि इस दिन को हर वर्ष व्यापक रूप से मनाया जाए और प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधरापण करना चाहिए। उन्होंने स्वयं भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
प्रदर्शनी को चार प्रमुख भागों में बांटा-प्रदर्शनी को चार प्रमुख भागों में बांटा गया है। पहले भाग में हरियाणा के प्रेरणा देने वाले महापुरुष, दूसरे में भगवद् गीता पर आधारित प्रदर्शनी। तीसरे में सरस्वती नदी से संबंधित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति और चौथे में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर उनके जीवन और बलिदान पर आधारित हस्तनिर्मित (हैंड-पेंटेड) प्रदर्शनी है। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में हरियाणा में संघ को जीवन देने वाले महापुरुषों के योगदान को भी दशार्या गया है।

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