बेतुल
बैतूल हाट बाजार में नुक्कड़ नाटक से दिया वन संरक्षण का संदेश
महुआ और तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान आग से सावधानी बरतने की अपील

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इस गंभीर समस्या से निपटने और वनों की सुरक्षा के लिए दक्षिण बैतूल सामान्य वनमण्डल के वन विभाग ने जनजागरूकता का अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों को उनकी ही भाषा और शैली में वन संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से आदिवासी अंचलों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जा रहा है।
वन विभाग की इस पहल के तहत वन परिक्षेत्र भैंसदेही (सामान्य) में वनों की अग्नि से सुरक्षा, वन संरक्षण, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 16 मार्च को वन परिक्षेत्र भैंसदेही (सामान्य) के अंतर्गत ग्राम खामला के हाट बाजार में कोशिश ग्रुप के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर ग्रामीणों को जागरूक किया। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और उन्होंने इस संदेश को गंभीरता से सुना।
कार्यक्रम में कलाकारों ने बताया कि महुआ बिनने और तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान अक्सर ग्रामीण पेड़ों के नीचे सफाई के लिए छोटी आग लगा देते हैं, जो कई बार विकराल रूप लेकर पूरे जंगल को नुकसान पहुंचा देती है। आग लगने से बेशकीमती वन संपदा, पेड़-पौधे और वन्यजीवों का जीवन खतरे में पड़ जाता है। नाटक के माध्यम से वनभूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण और उससे पर्यावरण तथा भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी ग्रामीणों को सचेत किया गया।
यह अभियान वन संरक्षक बैतूल वृत्त बैतूल मधु व्ही. राज के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। वनमण्डलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सामान्य) अरिहंत कोचर, उपवनमण्डलाधिकारी भैंसदेही (सामान्य) देवानंद पांडे और वन परिक्षेत्र अधिकारी भैंसदेही (सामान्य) गुमान सिंह नर्गेश के निर्देशन में यह जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने में प.स. खामला और देड़पानी सहित वन विभाग के मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




