जालौन

डीएम के आदेश पर डीसी मनरेगा ने गुढ़ाखास, मैनुपुर दिवारा में देखी जमीनी हकीकत

 फर्जीबाड़ा करने वालों पर कठोर कार्यवाही का दिया संकेत

सचिव जितेंद्र कुशवाहा के संरक्षण में गुढ़ाखास और मैनुपुर दिवारा में हो रहा था मनरेगा योजना में फर्जीवाड़ा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उरई (जालौन)। महेवा ब्लॉक में पांच वर्षों से अधिक समय से तैनात ग्राम पंचायत सचिव जितेंद्र कुशवाहा ने अपना सिक्का जमा लिया है। इसलिए शासन द्वारा संचालित महत्वकांक्षी योजना मनरेगा में रोजगार देने के नाम पर बड़े स्तर पर ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़ा कर धनराशि का बंदर बांट कर रहा था। ग्रामीणों ने बिना कार्य के श्रमिकों की हाजिरी पर सवाल उठाकर अधिकारियों से कार्यवाही की मांग की थी।  डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने मामले को संज्ञान लेकर डीसी मनरेगा को जांच के आदेश दिए थे।
बता दें कि महेवा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुढ़ाखास में लालसिंह, रामचरण, में बंधा निर्माण, रामजी के खेत में संपर्क मार्ग और वीरसिंह के के मकान से लालसिंह के मकान तक सीसी सड़क निर्माण कार्य, जिसमें 240 श्रमिकों को कार्य करते दिखाया जा रहा है। जबकि मौके पर कोई नहीं है। ग्राम पंचायत मैनुपुर दिवारा में रामेश्वर, अर्जुन, रामशरण और अवधेश के खेत में में बंधा निर्माण के नाम पर 208 श्रमिको की हाजिरी ऑनलाइन दिखाई जा रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि इन खेतों पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा फसल खड़ी है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सचिव को ब्लॉक क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक हो गए है। कुछ सजातीय लोगों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। जिसमें एक रोजगार सेवक भी हैं। जो दर्जनों ग्राम पंचायतों में होने वाले कच्चे पक्के कार्यों और निधि के कार्यों की फर्जी एमबी बनाता है और कई ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी करता है। शुक्रवार को डीसी मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाह गुढ़ा खास और मैनुपुर दिवारा पहुंच कर जांच की, जांच के दौरान उन्होंने कठोर कार्रवाई के संकेत दिए, डीसी मनरेगा के तेवर देखकर सचिव की हालत खराब नजर आई, जबकि स्थलीय निरीक्षण दौरान खुद को ठेकेदार कहलाने वाले भी दूर खड़े होकर नजारा देखते रहे।
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