कसमार: पुल निर्माण में अनियमितता को लेकर दूसरे दिन भी काम ठप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, बोकारो के तहत कसमार और जरिडीह प्रखंड की सीमा पर स्थित गवई नदी (गट्टीगढ़ा एवं रोरिया के बीच) पर निर्माणाधीन पुल का विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने लगातार दूसरे दिन भी काम को पूरी तरह से बंद रखा।
सोलर प्लेटों की बर्बादी से आक्रोश
ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। भारी मशीनों से पत्थर तोड़ने (ब्लास्टिंग/ड्रिलिंग) के दौरान भारी लापरवाही बरती गई, जिससे कृषि विभाग की ‘किसान समृद्धि सोलर पंप सेट योजना’ के तहत लगाए गए सोलर प्लेट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि खेती के लिए लगाए गए इन सोलर सेटों के टूटने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार:
निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी है।
कार्य स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
सरकारी संपत्ति (सोलर प्लेट) को नुकसान पहुँचाने के बाद भी ठेकेदार ने शुरुआत में कोई सुध नहीं ली।
प्रशासन की मौजूदगी में हुआ समझौता
कार्य रुकने और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। कार्यस्थल पर ग्रामीणों और ठेकेदार के बीच लंबी वार्ता हुई। काफी विचार-विमर्श के बाद निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
क्षतिपूर्ति का आश्वासन: ठेकेदार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षतिग्रस्त हुए सोलर प्लेटों को बदलने की जिम्मेदारी ली।
समय सीमा: प्रशासन के समक्ष ठेकेदार ने आश्वासन दिया कि 20 दिनों के भीतर नए सोलर प्लेट लगा दिए जाएंगे।
सुरक्षित कार्य प्रणाली: भविष्य में मशीनों के उपयोग के दौरान ग्रामीणों की निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुँचाने का वादा किया गया।
“किसानों की मेहनत और सरकारी योजना को इस तरह ठेकेदार की लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। अगर 20 दिनों में सोलर प्लेट नहीं बदले गए, तो ग्रामीण फिर से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।” स्थानीय ग्रामीण फिलहाल, समझौते के बाद मामला शांत है, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे काम की गुणवत्ता और वादों की पूर्ति पर पैनी नजर रखेंगे। और आगे पुल का कार्य जारी रखने का अनुमति दिया गया। मौके पर अबला देवी, शकुंतला देवी, कौशल्या देवी, मुनूबाला देवी, फुलेश्वरी देवी, रुपनी देवी, सरोज महतो, हरिपद महतो , अमूल्य महतो, बहादुर महतो, सनोज महतो, बाणेश्वर महतो, शिवराम महतो, छुटूचंद महतो, देवलाल महतो, मंटू महतो, गणेश महतो, सीताराम महतो, वासुदेव महतो एवं दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।



