गाजियाबाद
लोनी में बारिश से सड़कें बनीं दरिया, जनजीवन बेहाल
तेज हवाओं के साथ दिन में छाया अंधेरा, शिव विहार मेट्रो स्टेशन पर जलभराव से यात्री परेशान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद) : गुरुवार सुबह लोनी में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज ठंडी हवाओं के चलते मौसम खुशनुमा हो गया, लेकिन कुछ ही देर में आसमान में अंधेरा छा गया। दिन में ही रात जैसा नजारा दिखाई देने लगा। इसके बाद हुई जोरदार बारिश ने लोनी की सड़कों और कॉलोनियों की तस्वीर बदल दी। जगह-जगह जलभराव होने से सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद लोनी तिराहा, पुस्ता चौकी, इंद्रापुरी, शिव विहार मेट्रो स्टेशन और लोनी डिपो के आसपास सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर हालात ऐसे बन गए कि पैदल चलना मुश्किल हो गया। लोग पानी से भरी सड़कों को पार करने के लिए परेशान दिखाई दिए। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मेट्रो स्टेशन पर जलभराव, ट्रैक्टर चालकों की चांदी
शिव विहार मेट्रो स्टेशन के आसपास जलभराव ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। स्टेशन तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पानी से लबालब सड़कों को पार करने के लिए कई यात्रियों को पैदल चलने के बजाय वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान ट्रैक्टर चालकों ने यात्रियों को पानी से भरे रास्ते पार कराने के बदले अच्छी-खासी कमाई की। जलभराव के कारण एक बार फिर ट्रैक्टर ही लोगों के लिए सहारा बनते दिखाई दिए।
कॉलोनियों में भी जलभराव से लोग परेशान
लोनी की विभिन्न कॉलोनियों में भी बारिश का पानी जगह-जगह जमा हो गया। सड़कों पर भरे पानी के कारण स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। अचानक हुई तेज बारिश ने आवागमन को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर वाहन पानी के बीच से गुजरते दिखाई दिए, जबकि पैदल निकलने वाले लोग सुरक्षित रास्ते की तलाश करते रहे।
हर बारिश में सामने आते हैं जलभराव के हालात
बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरने की स्थिति ने जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिव विहार मेट्रो स्टेशन सहित प्रमुख मार्गों पर जलभराव से यात्रियों को होने वाली परेशानी कोई मामूली समस्या नहीं है। सवाल यह है कि बारिश के दौरान आम लोगों को राहत देने के लिए जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाएगी? मौसम की पहली तेज बारिश के साथ ही यदि सड़कों पर नदी जैसे हालात बन जाएं, तो रोजाना आवागमन करने वाले लोगों की मुश्किलों का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित नगरपालिका परिषद व लोक निर्माण विभाग जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे, ताकि हर बारिश के बाद लोगों को इसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

