सिंगरौली
देवसर जनपद में 13 पंचायतों के निर्माण कार्यों की जांच सुस्त
7 दिन में मांगी गई थी रिपोर्ट, 16 दिन बाद सिर्फ एक पंचायत का हुआ स्थल निरीक्षण

शिकायतकर्ता का आरोप: साक्ष्य देने के बाद भी 12 पंचायतों में अब तक नहीं पहुंचा जांच दल
दो अधिकारियों के पास अलग-अलग प्रभार, समय-सीमा बीतने के बाद भी प्रतिवेदन का इंतजार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत 13 ग्राम पंचायतों में विगत वर्षों में हुए निर्माण कार्यों की जांच प्रक्रिया तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (प्रशासनिक प्रभार) द्वारा 4 सदस्यीय जांच दल गठित कर 7 दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन मांगा गया था, लेकिन आदेश जारी होने के 16 दिन बाद भी जांच दल केवल एक ग्राम पंचायत तक ही पहुंच सका है। शेष 12 ग्राम पंचायतों में अब तक भौतिक सत्यापन शुरू न होने से शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
13 पंचायतों में अनियमितता का आरोप, साक्ष्य सौंपे जाने का दावा
सुपेला (नौढीया) निवासी शिकायतकर्ता प्रवेश कुमार तिवारी द्वारा जनपद पंचायत में दिए गए आवेदन के अनुसार, क्षेत्र की 13 ग्राम पंचायतों— नौढीया, ईटार, धनहा, झखरावल, जियावन, ढोंगा, सरौधा, जोगिनी, अतरवा, चरकी, कारी, पुरवा एवं बूढ़ाडांड में चेकडैम, ग्रेवल रोड, सीसी रोड व पुलिया निर्माण कार्यों में तकनीकी व वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई कार्य समय से पूर्व क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तथा मूल्यांकन और जमीनी हकीकत में अंतर है। उन्होंने आवेदन के साथ संबंधित निर्माण कार्यों के साक्ष्य भी संलग्न करने की बात कही है।
30 सितंबर को गठित हुआ था जांच दल, 7 दिन की थी मियाद
शिकायती पत्र पर संज्ञान लेते हुए कार्यालय जनपद पंचायत देवसर द्वारा 30 सितंबर 2026 को आदेश क्रमांक 3675 जारी कर चार सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। इस दल में सहायक यंत्री संतोष कोल, प्रभारी खण्ड पंचायत अधिकारी राजेन्द्र द्विवेदी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शशीकान्त तिवारी एवं उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा को शामिल किया गया था। आदेश में निर्देशित किया गया था कि मौके पर भौतिक व वित्तीय सत्यापन कर, जियोटैग फोटोग्राफ और अभिमत सहित 07 दिवस के भीतर बिंदुवार प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आदेश के 16 दिन बीत जाने के बाद भी टीम केवल ग्राम पंचायत डोंगा में ही निरीक्षण के लिए पहुंची है, जबकि 12 पंचायतों में अभी जांच की प्रक्रिया शुरू होना बाकी है।
प्रशासनिक व्यवस्था और समय-सीमा पर खड़े हो रहे सवाल
वर्तमान में जनपद पंचायत देवसर में वित्तीय प्रभार एसडीओ सूरज मिश्रा के पास है, जबकि प्रशासनिक प्रभार आईएएस सौम्या मिश्रा संभाल रही हैं। प्रशासनिक स्तर से जांच के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं: क्या जांच दल को स्थल निरीक्षण के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है या जांच में प्रशासनिक स्तर पर ही विलंब हो रहा है? शिकायत में उल्लेखित 13 में से शेष 12 ग्राम पंचायतों का स्थल सत्यापन कब तक पूरा किया जाएगा?




