
गोड्डा : जिला मुख्यालय से सटे कझिया नदी के मनोरम तट पर अवस्थित कन्हवारा नाग मंदिर में आर्द्रा नक्षत्र में विशेष पाक्षिक पूजनोत्सव रविवार को शुरू हो गया। पहले दिन नाग देवता को जलाभिषेक किया गया जिसे स्थानीय लोग जलढरी से जानते हैं। पूजन को लेकर श्रद्धालुुओं की भीड़ जुटने लगी है। पुजारी अशोक मांझी ने बताया कि पाक्षिक पूजन समारोह इस वर्ष 22 जून को शुरू होता है जो सात जुलाई तक जारी रहेगा। छह जुलाई को ब्राह्मण-कुमारी भोज का आयोजन होगा। वहीं सात जुलाई को श्रद्धालुओं द्वारा डलिया चढ़ाया जायेगा। कन्हवारा नाग मंदिर में पूजन, अभिषेक व दर्शन को लेकर आसपास क्षेत्र के श्रद्धालुओं का अहले सुबह से ही तांता लगा रहता है। पंडित गोपाल झा द्वारा वैदिक रीति रिवाज के साथ नाग देवता व बासुकीनाथ बाबा का पूजन व अभिषेक कराया जाता है। पूजन के उपरांत बाबा को रंग-बिरंगी फूलों सहित यथोचित सामग्री से अभिषेक करने के दौरान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार से आसपास का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो जाता है। बताया कि कन्हवार नाग मंदिर जागृत पीठ है। इस पीठ का नीर व भस्म बहुत ही कारगर सिद्ध होता है। सर्प दंश से प्रभावितों का भी विष निकालने के लिए यह धाम प्रसिद्ध है। कहा कि वे बासुकीनाथ के समीप सुखजोरा नाग मंदिर के पुजारी के वंशज है जो तत्कालीन समय में पूजन को लेकर यहां आकर बस गये और नाग देवता का विधिवत पूजन किया जाने लगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व मुखिया परमानंद साह, जनार्दन साह, प्रदीप सिंह, घनश्याम मांझी प्रधान, अशोक मांझी, जयनारायण मांझी, चुन्नू सिंह, सुकदेव मांझी सहित ग्रामीणों द्वारा सराहनीय भूमिका निभाई जा रही है।


