अमरोहा
नाम बदलकर युवती से शादी करने वाला नईम दोषी करार
धर्म छिपाकर शादी, दो लाख रुपये हड़पे; अदालत ने दुष्कर्म के आरोप में सुनाई 20 साल की सजा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा : अदालत ने नईम अहमद को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20 साल की जेल और 86,500 रुपये का जुर्माना सुनाया है। नईम ने अपना धर्म छिपाकर एक युवती से शादी की थी। जब युवती ने शादी में अपने परिवार को बुलाने की बात कही, तब नईम ने माता-पिता के न होने का बहाना बनाकर उसे चुप करा दिया। शादी के बाद भी वह अपना धर्म छिपाकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
अप्रैल 2022 में नईम ने क्राइम ब्रांच में एसओ के पद पर प्रमोशन होने का झूठ बोलकर युवती से दो लाख रुपये ले लिए। युवती ने अपने जेवर बेचे और रिश्तेदारों से उधार लेकर उसे पैसे दिए। 30 अप्रैल 2022 को जब नईम घर आया, तब युवती ने उसके साथ घर चलने का दबाव बनाया। इस पर नईम ने टैक्सी लाने का बहाना बनाकर एक लाख रुपये और ले लिए और फिर वापस नहीं आया। युवती ने जब फोन पर संपर्क किया, तब नईम ने अपना असली मकसद बता दिया कि उसने पैसे हड़पने के लिए प्रेमजाल में फंसाकर शादी की थी। धर्म का पता चलने पर पीड़िता ने गजरौला थाने में नईम के खिलाफ धोखाधड़ी, दुष्कर्म और धर्म संपरिवर्तन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। इस मामले में नईम जमानत पर था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। गुरुवार को अदालत ने मुकदमे की अंतिम सुनवाई की। साक्ष्य के आधार पर अदालत ने नईम को दुष्कर्म का दोषी माना और 20 साल जेल की सजा सुनाई। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में धर्मांतरण के आरोप से उसे बरी कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि नईम पहले से ही आदमपुर थाने से जुड़े एक अन्य दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में 10 साल की जेल की सजा काट रहा है। यह मामला 2015 में दर्ज किया गया था और 2023 में अदालत ने उसे सजा सुनाई थी।


