साहेबगंज

वर्ष 2016 में शुरू हुई राजमहल शहरी जलापूर्ति योजना अधर में लटकी, विधायक ने सदन में उठाया मामला

Rajmahal urban water supply scheme started in 2016 is hanging in balance, MLA raised the issue in the House

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहेबगंज। राजमहल विधायक मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने विधानसभा सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न के तहत राजमहल शहरी जलापूर्ति योजना जो विगत वर्ष 2016 में शुरू हुई थी और आज तक योजना पूर्ण नहीं हो सकी है। मामले को सदन में उठाएं हैं। उन्होंने प्रश्न के माध्यम से विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का ध्यान आकृष्ट कराएं है कि योजना के माध्यम से राजमहल शहर के 5500 लोगों को घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना थी जो योजना आज भी अधर पर लटकी हुई है। जिस योजना को वर्ष 2018 में पूर्ण होना था आज अगस्त 2025 तक पूर्ण नहीं हुई है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने मामले में सदन के माध्यम से जवाब दिया है कि यह सही है कि 2018 में योजना को पूर्ण करना था जबकि एजेंसी को तीन बार अवधि का विस्तार भी दिया गया, परंतु अब तक कार्य अपूर्ण है। संबंधित योजना के क्रियान्वयन में धीमी प्रगति के लिए जुडको लिमिटेड के द्वारा संबंधित एजेंसी से टर्मिनेशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट के लिए स्पष्टीकरण जारी किया गया है साथ ही कई प्रासंगिक दस्तावेज व तथ्यों की मांग की गई है जिसकी समीक्षा कर यथोचित कार्रवाई की जायेगी। राजमहल विधायक आदरणीय मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने विधानसभा सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न के तहत झारखंड के मदरसो को झारखंड शिक्षा परियोजना से जोड़ने का मामला सदन में उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि मदरसा को अगर शिक्षा परियोजना झारखंड सरकार से जोड़ा जाता है तो मदरसा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी सरकारी स्कूल के भांति पोशाक, डेस्क बेंच व अन्य सुविधाएं मिल सकेगी। साथ ही मदरसो के शिक्षक एवं शिक्षकोत्तर कर्मी को छठे वेतनमान मिल रहा है। सभी को सातवां वेतन लागू किया जाए। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सदन के माध्यम से कहा है कि अराजकीय प्रस्वीकृत वित्त सहित वर्तमान 180 मदरसो के शिक्षक एवं शिक्षकोत्तर कर्मी के वेतनमान पुनरीक्षण हेतु करवाई प्रकियाधीन है। राजमहल विधायक आदरणीय मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा जी ने विधानसभा सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न के तहत सदन के माध्यम से कहा है कि साहिबगंज जिला के राजमहल को अनुमंडल का दर्जा प्राप्त है। किंतु अनुमंडल स्तरीय महत्वपूर्ण विभाग जैसे अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी आदि का कार्यालय अनुमंडल स्तर पर नहीं रहने से कार्य प्रभावित होती है। साथ ही इन कार्यायलयों को अनुमंडल स्तर पर खोलने की मांग भी की है. कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने प्रश्न को स्वीकारात्मक करते हुए सदन के माध्यम से कहा है कि कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में राजमहल में अनुमंडल कृषि कार्यालय की स्थापना के संबंध में विभाग जल्द निर्णय लेगी। वही तारांकित प्रश्न के तहत साहिबगंज जिला में प्रतिवर्ष बाढ़ की विभीषिका के प्रकोप से होने वाले हजारों लोगों की क्षति से संबंधित मामला को उठाया गया जिसमें मानव क्षति पशु क्षति मकान क्षति एवं फसल क्षति शामिल है. साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के टीम की स्थाई रूप से साहिबगंज जिला में स्थापना को लेकर सदन के माध्यम से मामले को उठाया गया। गृह कर एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सदन के माध्यम से जवाब देते हुए कहा है कि बाढ़ से नुकसान होती है आपदा विभाग इस पर कार्य करती है वहीं एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के यूनिट की समय-समय पर आवश्यकता होने पर साहिबगंज के उपायुक्त टीम के प्रति नियुक्ति के लिए प्राधिकृत किए गए हैं उनके माध्यम से आवश्यकता के अनुरूप टीम की समय-समय पर स्थापना होगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button