गोड्डा

दो दिवसीय जैव संसाधन केंद्र का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। गोड्डा जिले में पुनर्जीवी खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय जैव संसाधन केंद्र का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण में जिले के सुंदरपहाड़ी, सदर, पथरगामा, बोआरीजोर और ठाकुरगंगटी ब्लॉक के 14 जैव संसाधन केंद्रों में से 12 केंद्रों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कुल 40 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता किया। प्रशिक्षण के पहले दिन चिरतगुप्त कॉलोनी स्थित कक्षा-कक्ष में विभिन्न जैविक इनपुट तैयार करने की प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विशेष रूप से  केंचुआ खाद बनाने की विधि, केंचुआ खाद से सुपर कम्पोस्ट तैयार करना, अग्निअस्त्र एवं ब्रह्मास्त्र जैविक घोल बनाना, मल्टी सीड एक्सट्रैक्ट तैयार करना, वेस्ट डीकंपोजर का निर्माण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा किया गया। दूसरे दिन प्रतिभागियों को निपनियां पंचायत के बथनटाड़ गांव स्थित नए जैव संसाधन केंद्र पर ले जाया गया। वहां सभी जैविक घोल एवं खाद की तैयारी की विधियों का प्रायोगिक प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों ने स्वयं इन विधियों को देखा, सीखा और बनाया, जिससे वे आगे इसे अपने-अपने केंद्रों पर आसानी से लागू कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि इन जैविक उत्पादों के माध्यम से न केवल किसानों की लागत घटेगी बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी। जैव संसाधन केंद्रों से बनने वाले ये उत्पाद सीधे किसानों तक पहुंचेंगे। जिससे खेती की उत्पादकता में वृद्धि, फसल की गुणवत्ता में सुधार और किसानों की आजीविका में मजबूती आएगी। अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि वे सीखी हुई तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपनाएँगे और अन्य किसानों को भी प्रेरित करेंगे। जिले में इस प्रकार के जैविक इनपुट्स के प्रसार से पुनर्जीवी खेती को एक नई दिशा मिलेगी और आने वाले समय में गोड्डा जिला टिकाऊ कृषि पद्धति का एक उदाहरण बनकर उभरेगा।
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