4 साल का विकास सफर : टयोढी ग्राम प्रधान सचिन शर्मा से खास बातचीत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
टयोढी, बागपत : ग्राम पंचायत टयोढी के प्रधान सचिन शर्मा ने अपने चार साल के कार्यकाल में गांव को नई दिशा देने की कोशिश की है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ-साथ गांव के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया।
सचिन शर्मा से बातचीत
प्रश्न : प्रधान बनने के बाद आपका पहला लक्ष्य क्या रहा?
सचिन शर्मा : मेरा सपना था कि गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान हो। इसलिए सबसे पहले पक्की सड़कें, नालियां और स्ट्रीट लाइट लगवाने पर जोर दिया।
प्रश्न : शिक्षा और युवाओं के लिए क्या कदम उठाए गए?
सचिन शर्मा : शिक्षा के बिना विकास अधूरा है। विद्यालयों में नए कमरे और शौचालय बनवाए। गरीब बच्चों को कॉपी-किताबें दिलाई। युवाओं के लिए खेल का मैदान विकसित कराया ताकि वे खेलों में आगे बढ़ सकें।
प्रश्न : महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आपने क्या काम किए?
सचिन शर्मा : महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए। बुजुर्गों को पेंशन योजना का लाभ दिलवाया। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर मुफ्त दवा वितरण कराया।
प्रश्न : आने वाले समय की आपकी योजनाएं क्या हैं?
सचिन शर्मा : पंचायत भवन को आधुनिक स्वरूप देना, गांव में सीसीटीवी कैमरे लगवाना और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करना मेरी प्राथमिकता है।
गांववालों का कहना
- रमेश चौधरी (किसान) : “पहले बरसात में सड़कें टूटी रहती थीं, अब पक्की सड़कें बनने से सफर आसान हो गया है। प्रधान जी ने सच में गांव की चिंता की है।”
- सविता देवी (महिला समूह सदस्य) : “महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई और स्वरोजगार का प्रशिक्षण मिला है। हमें घर बैठे काम करने का अवसर मिला, यह बड़ी बात है।”
- अरुण (युवा खिलाड़ी) : “गांव में खेल का मैदान बनने से हमें प्रैक्टिस का मौका मिला। अब हम बाहर जाकर भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं।”
अन्य विकास कार्य
चार साल के कार्यकाल में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ ग्राम प्रधान ने सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी काम किया।
- परशुराम मुख्य द्वार का निर्माण
- सार्वजनिक बारात घर का निर्माण
- चौहान चौपाल घर और हरिजन चौपाल की मरम्मत व चारदीवारी
- हरिजन श्मशान घाट का सुधार
- तालाबों की सफाई और मिट्टी भराव
- पानी की टंकी की सुविधा
चार साल के कार्यकाल में सचिन शर्मा ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो गांव का चेहरा बदलना मुश्किल नहीं। आने वाले समय में उनकी योजनाओं से टयोढी गांव और भी विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।



