ललितपुर

लक्ष्मीनारायण राठौर का शव रखकर किया प्रदर्शन

दो घण्टे की पैरोल पर आये शिवम राठौर ने अंतिम संस्कार की अदा की रस्म

इलाइट चौराहा पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप
प्रदेश सरकार से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर इंसाफ दिलाने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

ललितपुर। उन्नीस सितम्बर को बजाज फाइनेंस कम्पनी में 1 करोड़ 71 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला रामनगर निवासी शिवम राठौर को जेल भेज दिया था। अगले दिन शिवम राठौर के पिता 56 वर्षीय लक्ष्मीनारायण राठौर का शव सीमावर्ती जिला टीकमगढ़ के एक होटल से बरामद किया गया। यहां दावा किया गया कि पुलिस प्रताडऩा से आजिज आकर लक्ष्मीनारायण राठौर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से मृतक की जेब से एक पत्र भी बरामद किया गया था, जो कि चर्चाओं का विषय बना। सूचना मिलने पर परिजनों ने टीकमगढ़ पहुंच कर लक्ष्मीनारायण राठौर का शव प्राप्त कर ललितपुर वापस आ गये थे। रविवार को अंतिम संस्कार करने के पहले परिजनों ने इलाइट चौराहा पर लक्ष्मीनारायण राठौर का शव रखकर प्रदर्शन करते हुये प्रकरण को लेकर कोतवाली में तैनात एक उप निरीक्षक पर आरोप जड़ते हुये पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराये जाने की मांग उठायी है। गौरतलब है कि जिले में बजाज फाइनेंस कम्पनी में 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस जांच कर रही थी। परिजनों के अनुसार जांच के दौरान कम्पनी की मोहर बनाने वाले शिवम राठौर को पुलिस ने बीती 17 सितम्बर 2025 को हिरासत में ले लिया था, जिसके दो दिन बाद 19 सितम्बर को कोतवाली पुलिस ने शिवम राठौर को एक अन्य आरोपी के साथ जेल भेज दिया था। इस प्रकरण को लेकर टीकमगढ़ के सिविल लाइन क्षेत्र में रबर मोहर की दुकान संचालित कर रहे शिवम राठौर के पिता लक्ष्मी नारायण राठौर ने गायत्री होटल के कमरा नम्बर 106 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच करने पहुंची टीकमगढ़ पुलिस ने मृतक के पास से दो पत्र भी बरामद किये, जिनमें ललितपुर कोतवाली में तैनात एक उप निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं, जबकि दूसरे पत्र में उनके पुत्र को बिना किसी वारण्ट के हिरासत में लेने और बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड के जबरन आरोपी बनाये जाने के आरोप शामिल हैं। परिजन लक्ष्मी नारायण राठौर का शव लेकर ललितपुर वापस आ गये थे, जिसे देखते हुये पुलिस सक्रिय बनी हुयी थी। करीब तीन घण्टे बाद मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस द्वारा आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
रविवार की सुबह शव रखकर किया प्रदर्शन
परिजनों ने लक्ष्मीनारायण राठौर का अंतिम संस्कार करने से पहले इलाइट चौराहा पर शव रखकर जाम लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान परिजनों ने ललितपुर पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाये हैं। प्रदर्शनकारियों में मृतक की पत्नी और बेटी भी शामिल थीं। परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और शिवम की रिहाई की मांग कर रहे हैं। मामला बजाज फाइनेंस में कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी मोहर के इस्तेमाल का है। इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी महेश बरार, शमीम खान सहित 7 से अधिक आरोपी जेल भेजे जा चुके है।
चार दिन पहले लिया हिरासत में, फिर दिया नोटिस
परिजनों का आरोप है कि 17 सितम्बर की रात शिवम को थाने में बैठाया गया, जिसके बाद रात 11 बजे प्राईवेट वाहन और सादा वर्दी में पहुंच कर दुकान खुलवाई और मारपीट करते हुये जबरन सारी मोहर बनवायी। इसके बाद 19 सितम्बर की रात आनन-फानन में उनके घर आकर शिवम की गिरफ्तारी का नोटिस दिया गया। परिजनों ने कहा कि लक्ष्मी नारायण राठौर के अंतिम संस्कार के लिए मुखाग्नि देने के लिए शिवम राठौर को रिहा करने की मांग की गयी। परिजनों ने प्रकरण की जांच उच्च स्तरीय कराये जाने की मांग उठायी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार से किसी निर्दोष को जबरन किसी भी मामले में न फंसाया जाये।
सीसीटीवी फुटेज से की जाये निष्पक्ष जांच
परिजनों ने बताया कि उनके घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हुये हैं, जिनमें दर्ज फुटेज की जांच करायी जाये। आरोप है कि सादा वर्दी में पुलिस कर्मी उनके घर आये और जबरन उनके भाई को लेकर गये। यह भी आरोप है कि एक पुलिस कर्मी ने एक लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन एक लाख रुपये न होने पर परिजनों ने उन्हें 50 हजार रुपये भी दिये। रुपये लेने की बात में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा।
एडीएम नमामि गंगे व एसडीएम सदर पहुंचे मौके पर
प्रदर्शन की खबर मिलने पर प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राजेश कुमार श्रीवास्तव व उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
दंगा नियंत्रण गणवेश में पहुंची पुलिस
इलाइट चौराहा पर लोगों की भारी भीड़ के द्वारा प्रदर्शन किये जाने की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस सीओ सदर अजय कुमार के नेतृत्व में दंगा नियंत्रण अभ्यास की गणवेश में पहुंची, जहां उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
मृतक के परिजनों व पुलिस में हुयी नोंक-झोंक
प्रदर्शन के दौरान इलाइट चौराहा पर मृतक लक्ष्मी नारायण राठौर के परिजनों व पुलिस के बीच नोंक-झोंक भी हुयी, जिसमें परिजन पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुये शिवम राठौर की रिहाई और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते नजर आये।
दो घण्टे की पैरोल पर शमशानघाट पहुंचा शिवम
पिता के अंतिम संस्कार को पूरा करने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश पर जेल में निरूद्ध शिवम राठौर को दो घण्टे की पैरोल दी गयी। पैरोल मिलने के बाद पुलिस अभिरक्षा में शिवम राठौर को इलाइट मुक्तिधाम पर ले जाया गया, जहां उसने अपने छोटे भाई सत्यम राठौर के साथ हाथ पकड़कर पिता के अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। यह नजारा देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं।
इनका कहना है ….
बजाज फाइनेंस लिमिटेड से कूटरचित दस्तावेजों, फर्जी स्टाम्प पेपरों पर टंकित नाम, पता, तारीखों को एडिट कर, फर्जी रजिस्ट्रियों को एडिट कर, फर्जी मोहरें बनाकर लोन कराने के मामले में साक्ष्यों के आधार पर सात अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। इसी क्रम में एक अभियुक्त के पिता ने 20 सितम्बर म.प्र. के जिला टीकमगढ़ में आत्महत्या कर ली। रविवार को मृतक के परिजनों ने असंतोष प्रकट करते हुये इलाइट चौराहा पर जाम लगाया गया, जिसे पुलिस प्रशासन द्वारा समझा-बुझाकर जाम को खुलवा दिया गया। मृतक के परिजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। लॉ एण्ड ऑर्डर की समस्या नहीं है। आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, ललितपुर
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