
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MUVVNL) की प्रबंध निदेशक (MD) रिया केजरीवाल ने संविदा बिजली कर्मियों के लिए एक क्रांतिकारी निर्णय की घोषणा की है, जो न केवल कर्मचारियों के जीवन में नई रोशनी लाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के मध्य क्षेत्र में बिजली सेवाओं को भी सशक्त करेगा। इस ऐतिहासिक फैसले में संविदा कर्मियों को 18,000 रुपये मासिक वेतन और मार्च 2023 में हटाए गए कर्मियों की पुनर्नियुक्ति शामिल है। यह कदम योगी सरकार की कर्मचारी कल्याण और ‘पावर फॉर ऑल’ नीति को मजबूती प्रदान करता है।
फैसले की प्रमुख विशेषताएं
1 . 18,000 रुपये मासिक वेतन: आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
. मध्यांचल निगम के सभी संविदा कर्मियों, जैसे लाइनमैन, मीटर रीडर और सहायक इंजीनियर, को 1 अप्रैल 2025 से न्यूनतम 18,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।
. इसमें महंगाई भत्ता (DA), घर किराया भत्ता (HRA) और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे कुल आय 20,000-22,000 रुपये तक हो सकती है।
. पिछले तीन महीनों का बैक अरियर भी प्रदान किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी।
. लक्ष्य: कर्मचारियों की आर्थिक स्थिरता, कार्यक्षमता में सुधार और बिजली चोरी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण।
. 2023 में हटाए गए कर्मियों की पुनर्नियुक्ति: खोया सम्मान लौटाने की पहल
. मार्च 2023 में कोविड-19 के बाद की बजट कटौती और विभागीय जांच के तहत हटाए गए लगभग 1,200-1,500 संविदा कर्मियों को प्राथमिकता आधार पर पुनर्नियुक्त किया जाएगा।
. पात्रता: हटाए गए कर्मियों की आयु 18-45 वर्ष और न्यूनतम योग्यता (ITI/डिप्लोमा) होनी चाहिए।
प्रक्रिया:
. आवेदन: 15 अक्टूबर 2025 तक निगम की वेबसाइट (muvvnl.in/contract-reinstate) पर ऑनलाइन आवेदन।
. सत्यापन: आधार, पुराना ID कार्ड और सर्विस सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों की जांच 1-2 सप्ताह में।
. जॉइनिंग: नवंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से, शुरूआत लखनऊ, रायबरेली और कानपुर जैसे जिलों से।
. लाभ: पुनर्नियुक्त कर्मियों को बैक वेज, प्रॉविडेंट फंड (PF) और ग्रेच्युटी का भुगतान। कोई नया प्रशिक्षण अवधि नहीं, तत्काल फील्ड पोस्टिंग।
यह कदम निगम में स्टाफ की कमी को दूर करेगा और अनुभवी कर्मियों की वापसी से सेवा गुणवत्ता बढ़ेगी।
आधिकारिक बयान: नेतृत्व का संकल्प
10 अक्टूबर 2025 को MUVVNL के आधिकारिक ट्विटर हैंडल (@MUVVNL_UttarPradesh) और वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया, “MD रिया केजरीवाल के नेतृत्व में यह निर्णय संविदा कर्मियों के सम्मान और बिजली सेवाओं की सतत प्रगति के लिए उठाया गया है। पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर पात्र कर्मचारी को लाभ मिले।” रिया केजरीवाल ने अपने बयान में जोड़ा, “संविदा कर्मी हमारी बिजली व्यवस्था की नींव हैं। उनकी मेहनत और समर्पण को सम्मान देने के लिए यह पहल की गई है। हमारा लक्ष्य न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है, बल्कि भविष्य में स्थायीकरण की दिशा में भी कदम उठाना है।” उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस फैसले की सराहना करते हुए ट्वीट किया, “रिया केजरीवाल का यह कदम मध्यांचल निगम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। योगी सरकार कर्मचारी हितों और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।”



