गाजियाबाद
किसान नेताओं का दिल्ली कूच रोका गया
हिरासत में लिए गए नेताओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी/गाजियाबाद : भारतीय किसान यूनियन (अनाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सचिन शर्मा समेत कई किसान संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों को पिछले तीन दिनों से पुलिस प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। किसान संगठनों ने इस कार्यवाही को लोकतंत्र पर हमला और सत्ता का दुरुपयोग बताया है।
17 सितंबर 2025 को देशभर के दर्जनों किसान संगठनों के प्रतिनिधि हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली की ओर रवाना हुए थे। उनका उद्देश्य केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर किसानों और मजदूरों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना था। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें दिल्ली पहुंचने से पहले ही रोक लिया था और आंदोलन को स्थगित करने के लिए प्रशासन ने 20 दिनों का समय मांगा था।
लेकिन, तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद किसानों की मांगे पूरी नहीं हुईं। इसके चलते किसान संगठनों ने 26 अक्टूबर को पुनः दिल्ली कूच का ऐलान किया था। आंदोलन की तैयारी के बीच दिल्ली बॉर्डर पर जगह-जगह किसानों को रोक लिया गया, जबकि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
किसान संगठनों का आरोप है कि यह कदम न केवल असंवैधानिक है बल्कि पूरी तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन भी है। संगठनों का कहना है कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। कई स्थानों से यह भी जानकारी मिली है कि हिरासत में लिए गए किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें घंटों तक भूखा-प्यासा बैठाए रखा गया।
हिरासत में लिए गए प्रमुख नेताओं में भारतीय किसान यूनियन (अनाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सचिन शर्मा, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बिन्नू अधाना, जिला अध्यक्ष मनोज गुर्जर, प्रदेश अध्यक्ष निशांत भड़ाना, युवा प्रदेश अध्यक्ष कपिल नागर, राहुल गुर्जर, किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश पवार, तथा संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश चौधरी समेत कई अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों समर्थक शामिल हैं।
किसान संगठनों ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया, तो देशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।



