पाकुड़

डीसी ने किया शौचालय निर्माण एवं गोबर गैस प्लांट की प्रगति की समीक्षा

DC reviews progress of toilet construction and biogas plant

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आज पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी एवं ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के साथ- साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-II के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपायुक्त मनीष कुमार* ने कहा कि जनता को शुद्ध एवं सतत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया कि पाकुड़ शहरी जलापूर्ति योजना के अंतर्गत सभी पाइपलाइन बिछाने एवं रोड क्रॉसिंग से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि योजना का पूर्ण संचालन मार्च 2026 तक सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक माह प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उपायुक्त ने हिरणपुर एवं पाकुड़ ग्रामीण जलापूर्ति योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि एलएनटी एवं ईरकॉन कंपनी द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने सभी अभियंताओं को स्थल निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष परीक्षण करने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में कुल 8887 लाभुकों को व्यक्तिगत घरेलू शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 766 शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 15 नवम्बर 2025 तक कम से कम 1001 शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही पाकुड़ प्रखंड के दादपुर पंचायत के सराईढेला ग्राम में 80 घरों में पाइपलाइन के माध्यम से रसोई गैस आपूर्ति हेतु गोबर गैस प्लांट का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। उपायुक्त ने इसे उत्कृष्ट पहल बताते हुए अन्य पंचायतों में भी ऐसे नवाचार को प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके अतिरिक्त बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य स्तर से एस.एन.ए. स्पर्श के माध्यम से ₹1.60 लाख की राशि प्राप्त हुई है, जिसके तहत लिट्टीपाड़ा प्रखंड को मॉडल प्रखंड के रूप में विकसित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक लिट्टीपाड़ा प्रखंड के सभी अवयवों का निर्माण पूर्ण किया जाए तथा योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (पेयजल), सहायक अभियंता, स्वच्छता प्रभारी, जिला समन्वयक सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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