जुबिन क्षेत्र के पास मंत्री अशोक सिंघल के परिवार की कंपनी की जमीन! बैलेंस शीट में खुली सच्चाई।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के समाधि स्थल सोनापूर स्थित ‘जुबिन क्षेत्र’ के बगल में राज्य के मंत्री अशोक सिंघल के परिवार की कंपनी के नाम पर जमीन होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह जानकारी सामने आते ही पूरे राज्य में तीखी प्रतिक्रिया और राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले ही विपक्षी दल के नेता देबव्रत शैकिय ने आरोप लगाया था कि मंत्री सिंघल ने सोणापुर के ट्राइबल बेल्ट क्षेत्र में 29 बीघा से ज्यादा जमीन कब्जे में रखी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा था, “अगर साबित हो जाए कि सोणापुर में मेरी कोई जमीन है, तो मैं राजनीति छोड़कर हिमालय चला जाऊँगा।” लेकिन अब सामने आए वित्तीय दस्तावेज़ मंत्री के दावों के विपरीत तस्वीर दिखा रहे हैं। मंत्री से जुड़ी कंपनी ‘Protech Buildcon Private Limited’ की वित्त वर्ष 2023-24 की बैलेंस शीट में स्पष्ट रूप से लिखा है — “Land at Sonapur”। कंपनी के ‘Note 9: Property, Plant and Equipment’ सेक्शन में ‘Own Assets’ शीर्षक के अंतर्गत यह विवरण दर्ज है। इस जमीन की कीमत 134.06 लाख रुपये यानी करीब 1 करोड़ 34 लाख बताई गई है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह जमीन जुबिन गर्ग के ‘जुबिन क्षेत्र’ के ठीक पास स्थित है।विपक्षी नेता देबव्रत शैकिया ने इस दस्तावेज़ को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा —
“अशोक सिंघल को 24 घंटे के भीतर शपथपत्र के जरिए जनता को साबित करना होगा कि —
(1) उनके या उनके परिवार या उनकी कंपनी के नाम पर सोणापुर में कोई जमीन नहीं है,
(2) जुबिन क्षेत्र के पास की चर्चित जमीन उनकी नहीं है।”
उन्होंने आगे पूछा कि यदि मंत्री ने ट्राइबल बेल्ट में कोई जमीन नहीं बताई, तो फिर कंपनी के बैलेंस शीट में दर्ज 1.34 करोड़ की सोणापुर जमीन की असली मालिक कौन है? शैकिया ने मंत्री से उस जमीन का दाग नंबर और पट्टा नंबर सार्वजनिक करने की मांग भी की। विपक्ष ने यह भी कहा कि अगर मंत्री वास्तव में इस जमीन से संबंधित नहीं हैं, तो सरकार को उस भूखंड को लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की स्मृति में ‘जुबिन क्षेत्र’ का हिस्सा घोषित कर संरक्षित करना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है। एक ओर मंत्री पारदर्शिता की बात कर रहे हैं, वहीं वित्तीय दस्तावेज़ उनके बयान की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना यह है कि मंत्री अशोक सिंघल इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं, लेकिन फिलहाल राज्यभर में इस प्रकरण ने जोरदार राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।



