गाजियाबाद

नौरसपुर गांव में अवैध रेत खनन का विरोध करना युवक को पड़ा भारी

खनन माफियाओं ने की मारपीट — अधिकारी बने मूकदर्शक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लोनी गाजियाबाद : लोनी तहसील क्षेत्र के नौरसपुर गांव में यमुना नदी के किनारे चल रहे अवैध रेत खनन का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। स्थानीय युवक दीपांशु त्यागी ने जब अपने खेत में हो रहे इस अवैध खनन का विरोध किया और इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई, तो खनन माफियाओं ने उसके साथ एक नवंबर को मारपीट कर दी।
शिकायत से लेकर हमला तक की पूरी कहानी
दीपांशु त्यागी के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले अपने खेत के पास यमुना नदी किनारे जेसीबी और ट्रैक्टरों से हो रहे अवैध खनन की जानकारी स्थानीय पुलिस चौकी इंचार्ज, थाना प्रभारी, राजस्व विभाग, और यहां तक कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) लखनऊ तक दी। शिकायत में उन्होंने न केवल खनन की जानकारी दी बल्कि यह भी बताया कि किस प्रकार खनन माफिया खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
शिकायत करने के कुछ ही दिन बाद खनन माफियाओं ने दीपांशु पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने दीपांशु की बेरहमी से पिटाई की और फिर अपनी जेसीबी व ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस घायल दीपांशु को थाने ले आई, लेकिन वहां भी उन्हें न्याय नहीं मिला। पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण कराने की बात कहकर घंटों थाने में बैठाए रखा, पर न तो मेडिकल कराया गया और न ही मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई।
इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि प्रशासनिक तंत्र अवैध खनन के मामलों में किस हद तक उदासीन है।
अधिकारियों की चुप्पी बनी सवाल
दीपांशु त्यागी ने इस पूरे मामले की जानकारी लोनी तहसील, उपजिलाधिकारी, और जनपद के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई। हर बार उन्हें केवल “कार्यवाही की जाएगी” जैसे आश्वासन मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अधिकारी और पुलिस प्रशासन चाहें, तो अवैध रेत खनन एक दिन में बंद हो सकता है, लेकिन “रेत माफियाओं, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के बिना” यह कारोबार संभव नहीं है।
अब आगे क्या होगा?
इस मामले में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या दीपांशु त्यागी को न्याय मिलेगा या वह भी अन्य शिकायतकर्ताओं की तरह अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते थककर घर बैठ जाएगा?
फिलहाल, क्षेत्र के लोगों में पुलिस और प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए और दोषी खनन माफियाओं तथा लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button