सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में उजागर किया असम में जल जीवन मिशन की विफलता
बोला दोहरा इंजन सरकार का सच।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन शून्य सफलता के साथ फेल हो गई है। लोकसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान असम के सांसद और असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस योजना की पूरे राज्य में हो रही असफलताओं और ठेकेदारों की दुर्दशा को बेबाक तरीके से उजागर किया। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों को घर-घर potable जल उपलब्ध कराने के वादे के बावजूद असली हालत आज भी असहनीय बनी हुई है। जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे ठेकेदार और श्रमिक कर्मचारियों को अब तक उनका मेहनताना नहीं मिला है। गौरव गोगोई ने राज्य सरकार की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करते हुए बताया कि 3,500 करोड़ रुपये के बिल अभी भी अनसूचित हैं जिससे युवा ठेकेदार कर्ज में डूब गए हैं और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ठेकेदारों को भाजपा मंत्रियों और विधायकों से निकटता के कारण आंशिक भुगतान मात्र मिला है जबकि अन्य तो पूरी तरह से दरकिनार हैं। सांसद गोगोई ने इस दोहरे इंजन सरकार की नाकामी को कड़ी शब्दों में आलोचनापूर्वक बताया और केंद्र व राज्य सरकार दोनों से आग्रह किया कि जल मित्रों और ठेकेदारों के हित में तुरंत एक सार्थक संवाद शुरू कर समाधान निकाला जाए। गौरव गोगोई के अनुसार, यह मिशन न केवल योजना के प्रतिनिधियों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी निराशाजनक साबित हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना भुगतान के उलझी यह योजना आगे नहीं बढ़ सकती और इसका असर पूरे राज्य की जनता पर पड़ रहा है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि इस तरह की हताशाजनक योजनाएं और भ्रष्टाचार यह बताता है कि केंद्र और राज्य दोनों के बीच तालमेल और पारदर्शिता की कमी स्पष्ट है। असमवासियों को जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। लोकसभा के अंदर गोगोई के इस बयान के बाद अभूतपूर्व चर्चा हुई और कई सांसदों ने इस मामले पर मजबूती से ध्यान देने और तत्काल समाधान की जरूरत जताई। इस मामले को आगे उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कवायद तेज हो गई है।



