
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के ग्राम जेठबनी, सददवापुर और इब्राहिमाबाद के बीच पिछले एक सप्ताह से अवैध मिट्टी खनन बेखौफ तरीके से जारी है। रात ढलते ही एक दर्जन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला सक्रिय हो जाता है और सुबह होने से पहले ही मिट्टी की खुदाई, लोडिंग और बिक्री का पूरा खेल निपटा दिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया महंगे दामों पर मिट्टी बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अमला मौन साधे बैठा है। इलाके में सैकड़ों जगह मिट्टी बेचे जाने की चर्चा है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि खननकर्ता किसी “माननीय” का नाम लेकर अधिकारियों को गुमराह कर रहा है ताकि कार्रवाई न हो सके।उधर इस मामले पर निष्ठावान ईमानदार सक्रिय तेजतर्रार उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय और नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी का कहना है कि“जहां भी अवैध खनन मिलेगा, तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”पर बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई सिर्फ बयान तक सीमित रहेगी? या फिर रात में एक दर्जन दौड़ती ट्रॉलियों पर आखिरकार नकेल कसी जाएगी?इधर औसानपुरवा–बनीकोडर मार्ग पर मिट्टी ढोने वाली एक दर्जन ट्रॉलियों की आवाजाही से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही है, और नगर पंचायत भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।जनता अब खुलकर सवाल पूछ रही है ।पुलिस, खनन विभाग, राजस्व विभाग क्या ये सब मिलकर इस अवैध खनन के रैकेट पर शिकंजा कसेंगे, या फिर यह काला कारोबार ऐसे ही चलता रहेगा?



