मंत्री रहकर काम ना करवाने वाले पूर्व में रहकर कहते मैंने काम करवाया-विवेक पटेल
लगभग 20 लाख रुपयों की लागत से बनने वाले विभिन्न विकास कार्यों का विधायक विवेक पटेल ने किया भूमिपूजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0): विकास एक निरंतर चलने वाली प्रकिया हैँ कोई भी जनप्रतिनिधि आये जा जाए विकास कभी खत्म नहीं हो सकता हैँ l जनता इसलिए अपना जनप्रतिनिधि चुनती हैँ की शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रो के हर कोने तक विकास होता रहें हमने चुनाव के पूर्व जनता से जो वादे किए थे उसे हम धीरे-धीरे पूरा करते जा रहें हैँ हमसे क्षेत्र की जनता जो काम करने बोलती हैँ उन्ही के आदेश पर मैं काम करता हु यह उद्बोधन वारासिवनी-खैरलाँजी क्षेत्र के विधायक विवेक विक्की पटेल ने ग्राम कौलीवाड़ा में लगभग 20 लाख रूपये की लागत से बनने वाले हनुमान मंदिर प्रवेश द्वार,आख़र चौक में सभामंच,गेंदलाल बिसेन के मकान के सामने से बुधराम बिसेन के मकान तक सी सी सड़क,मोक्षधाम में टिन शेड के भूमिपुजन के दौरान ग्रामीणों से कहीं इस दौरान सरपंच गायत्री सुनील राणा,दुर्गाजी राहंगडाले, बकाराम मेश्राम, सुंदर बिसेन,नेवी पटले,शिवचरण राठौर,हरूपलाल गौतम,दामाज़ी राहंगडाले,बुधराम मेश्राम,श्यामराव मेश्राम,कदीर कुरैशी, दुर्गाजी कटरे,लोकचंद कटरे सहित ग्रामवासी मौजूद रहें
*क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से मैं काम लाता हु पूर्व विधायक कहते मैंने लाया*
वारासिवनी-खैरलाँजी क्षेत्र के लिए मैं ज़ब भी मैं माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से मिलकर कोई काम लाता हु मैंने खैरलाँजी में शासकीय आईटीआई,50 बिस्तर का हॉस्पिटल और दर्जनों की संख्या में नवीन पंचायत भवन लाया तो पूर्व विधायक कहते हैँ की मैं लाया ज़ब वे पूर्व रहते ही सब काम करवा सकते हैँ तो भगवान और क्षेत्र की जनता हमेशा उन्हें पूर्व ही रखे ताकि वे पूर्व रहकर ही क्षेत्र का विकास करवाते रहें
*गद्दी में बैठाकर उतारना भी जानती हैँ क्षेत्र की जनता-विवेक पटेल*
विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा की इसके पहले भी मैंने ग्राम कौलीवाड़ा में स्वागत गेट और सी सी सड़क की सौगात दी हैँ जिसने मुझे विधायक बनाया उन्ही के हस्ते मैं भूमिपुजन कार्य सम्पन्न करवाता हु l
जैसा आप काम तय करोंगे वही काम किया जाएगा मेरे क्षेत्र के विकास कार्यों की सूची भी ग्राम की जनता ही बनाती हैँ राशि में उनका ही अधिकार हैँ ज़ब भी विधानसभा सत्र शुरू होता हैँ में हमेशा किसानो का मुद्दा उठाता हु हमारा किसान कर्ज लेकर फ़सल उगाता हैँ और जीवन यापन करता हैँ सरकार बनने के बाद यह तीसरी बार खरीदी हो रही हैँ फिर भी किसानो को भाजपा सरकार में झूनझुना मिल रहा हैँ पहले नहरों के चुनाव होते थे वो भी भाजपा सरकार ने बंद क़र दिए ज़ब से भाजपा सरकार आई हैँ संस्था की व्यवस्था लड़खड़ा गई हैँ किसानो की आय दुगनी तो नहीं हुई मगर लागत दुगनी हो गई पहले पंचायत में भवन में नामंत्रण होता था मगर अब तहसील कार्यलय के चक्कर लगाना पड़ता हैँ कभी किसी से घृणा ना करे घमंड करने वालो को जनता जरूर सबक सिखाती हैँ जनता से बड़ा कोई नहीं हैँ जिसको गद्दी में बैठाती हैँ उसे उतरना भी जनता जानती हैँ मेरे पास कोई भी पार्टी का व्यक्ति किसी भी काम के लिए आता हैँ मैं उस काम को करने का पूरा प्रयास करता हु l




