चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा प्रशांत वीर तिवारी को
प्रशांत वीर तिवारी बने आई पी एल 2026 के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। आईपीएल 2026 की तैयारियों के बीच मंगलवार को अबू धाबी में आयोजित नीलामी अमेठी जिले के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण लेकर आई। संग्रामपुर क्षेत्र के गूंजीपुर निवासी होनहार क्रिकेटर प्रशांत वीर तिवारी ने नीलामी में इतिहास रचते हुए आईपीएल के अब तक के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.20 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया।
प्रशांत वीर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न सिर्फ अमेठी बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव से लेकर शहर तक लोग एक-दूसरे को बधाइयां दे रहे हैं। यह सफलता वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर संघर्ष का परिणाम मानी जा रही है।
प्रशांत वीर की प्रारंभिक शिक्षा ब्लॉक संग्रामपुर स्थित भारद्वाज एकेडमी एवं केपीएस स्कूल से हुई। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनकी गहरी रुचि थी। शहर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में तैनात क्रिकेट कोच गालिब अंसारी के मार्गदर्शन में उन्होंने क्रिकेट की विधिवत शुरुआत की। प्रतिभा निखरने के बाद उनका चयन स्पोर्ट्स हॉस्टल मैनपुरी में हुआ, जहां से उन्होंने कक्षा 9 और 10 की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सहारनपुर से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की।
प्रशांत वीर स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया की अंडर-19 टीम में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने सहारनपुर की एसबीयूए एकेडमी से क्रिकेट प्रशिक्षण प्राप्त किया। एक ऑलराउंडर के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत पिछले तीन वर्षों से यूपी टी-20 लीग में नोएडा किंग्स टीम से खेल रहे हैं। इस सत्र में उन्होंने टीम की कप्तानी भी की और शानदार प्रदर्शन करते हुए इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।
प्रशांत वीर इससे पहले मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में भी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और हाल ही में उनका चयन उत्तर प्रदेश रणजी टीम में हुआ है। रणजी टीम में चयन के बाद अब आईपीएल में रिकॉर्ड बोली लगना उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत झलक माना जा रहा है।
प्रशांत वीर के पिता रामेंद्र तिवारी सहजीपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मित्र रह चुके हैं, जबकि माता अंजना तिवारी गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर मां अंजना तिवारी ने भावुक होकर कहा कि उनका सपना है कि प्रशांत एक दिन भारतीय टीम में खेले और देश का नाम रोशन करे। पिता रामेंद्र तिवारी ने भी बेटे पर विश्वास जताते हुए कहा कि मेहनत और लगन से वह जल्द ही टीम इंडिया तक पहुंचेगा।


