
लखनऊ । बीएसपी प्रमुख मायावती ने आल इंडिया बैठक में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने चुनावी व्यवस्था में धनबल व सरकारी दुरुपयोग पर सवाल उठाए।
लखनऊ में शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी (इरढ) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आल इंडिया बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में यूपी व उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों के पदाधिकारियों शामिल हुए। मायावती ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (रकफ) अभियान को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के अन्य संगठनात्मक कार्यों को कुछ समय के लिए स्थगित कर इस अभियान पर फोकस करें, ताकि गरीब, मजदूर व बहुजन समाज के लोग वोटर लिस्ट से वंचित न रहें।
राज्यवार रिपोर्ट की समीक्षा की-मायावती ने राज्यवार रिपोर्ट की समीक्षा की। इस दौरान संगठन की मजबूती, जनाधार बढ़ाने व आर्थिक सहयोग पर पिछली बैठकों के निदेर्शों का पालन न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कमियों को जल्द दूर करने को कहा। रकफ के दौरान हो रही परेशानियों का जिक्र कर अन्य राज्यों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी। उन्होंने वोट की ताकत को बाबा साहेब अंबेडकर के संघर्ष से जोड़ते हुए इसे बहुजन समाज के शासक बनने का माध्यम बताया।
चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल-मायावती ने कहा कि वोटर लिस्ट शुद्ध करने के साथ धनबल, बाहुबल व सरकारी हथकंडों से मुक्त चुनाव की जरूरत है। बिहार चुनाव में सरकारी धन वितरण से प्रभावित करने के प्रयास को गंभीर बताया। मनरेगा की जगह प्रस्तावित विकसित भारत ग्रामीण रोजगार योजना में केंद्र के अंश घटाने की आलोचना की।
15 जनवरी को बहनजी का जन्मदिन ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाने के निर्देश दिए। यूपी में मंडल स्तर, अन्य राज्यों में जोन स्तर पर कार्यक्रम होंगे। इरढ सरकार के जनहित कार्यों व महापुरुषों के सम्मान की चर्चा कर बहुजनों को प्रेरित करने को कहा। बैठक में पदाधिकारियों का धन्यवाद दिया।



