नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। पाकिस्तान की ओर से आ रही सर्द हवाओं और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेशभर में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने अगले तीन दिनों तक अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्रदेश के राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर याशोद ने सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर शीतलहर की चेतावनी आम जनता तक पहुंचाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक आने वाले दो से तीन दिनों तक कई इलाकों में दृश्यता शून्य तक गिर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
तेज ठंड के कारण बरेली, कानपुर, आगरा, कासगंज और जौनपुर समेत कई जिलों में 20 दिसंबर तक स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं लखनऊ, बागपत सहित करीब 10 जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए कक्षाएं सुबह 9 और 10 बजे से संचालित करने के आदेश दिए गए हैं।
मौसम के रिकॉर्ड की बात करें तो बरेली में ठंड ने पिछले आठ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि कानपुर 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया।
घने कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ नजर आ रहा है। प्रदेश में 50 से अधिक ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। लखनऊ और वाराणसी समेत कई प्रमुख हवाई अड्डों पर दर्जनों उड़ानें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ी हैं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 20 दिसंबर तक मौसम में विशेष सुधार के आसार नहीं हैं। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक घने कोहरे का प्रभाव बने रहने की संभावना जताई गई है।



