पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की शिष्टाचार भेंट
शिक्षक भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संकल्प

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और नव नियुक्त उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बुधवार को राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में चर्चा की और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि:
1990 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रशांत कुमार को 17 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति तीन वर्ष के लिए या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) प्रभावी है। वे मई 2025 में कार्यवाहक डीजीपी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी नियुक्ति से पहले आयोग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय ने सितंबर में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कई भर्ती प्रक्रियाएं ठप पड़ी थीं।
आयोग का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक, उच्च शिक्षा और बेसिक शिक्षा स्तर पर शिक्षकों की भर्ती करना है। नए अध्यक्ष की प्राथमिकता लंबित भर्तियों (जैसे टीजीटी-पीजीटी, असिस्टेंट प्रोफेसर) को गति देना और परीक्षा प्रक्रिया में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाना है।
प्रशांत कुमार ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा था कि भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्यपाल से भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, जिसमें शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ। यह नियुक्ति योगी सरकार के उस प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें प्रशासनिक अनुशासन और दक्षता को शिक्षा भर्तियों में लागू किया जाए। आयोग के माध्यम से लाखों युवाओं के करियर से जुड़ी प्रक्रियाओं को निष्पक्ष बनाने की उम्मीद जागी है।




