बरेली
विजिलेंस टीम वसूली के जाल में फंसी
चेकिंग के नाम पर ग्रामीणों से लूट, चीफ इंजीनियर ने बैठाई जांच
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली: कड़ाके की ठंड के बीच बिजली विभाग की विजिलेंस और बिजनेस टीम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने टीम पर चेकिंग के नाम पर डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है।
धमकी देकर लाखों की वसूली का खेल ग्रामीणों का आरोप है कि विजिलेंस टीम गाँवों में पहुंचकर वर्दी और कानूनी कार्रवाई का खौफ पैदा करती है तकनीकी कमी या कटिया पकड़े जाने पर सीधे मुकदमे की धमकी दी जाती है। इसके बाद रामपुर बाग स्थित कार्यालय के पास सक्रिय दलाल ग्रामीणों को भारी भरकम जुर्माने (असेसमेंट) का डर दिखाकर ₹10,000 से लेकर ₹30,000 तक में ‘सेटलमेंट’ कराते हैं आरोप है कि यह पूरी रकम पावर कॉर्पोरेशन के खाते में जाने के बजाय निजी जेबों में जा रही है !
बिबियापुर कांड से खुला राज हाल ही में बिबियापुर गांव में 19 तारीख को की गई चेकिंग के दौरान 11 कनेक्शनों में खामियां पाई गई थीं। सूत्रों के अनुसार, इन सभी मामलों को मौके पर ही मोटी रकम लेकर दबा दिया गया। जब मुख्य अभियंता ने पूछताछ की, तो टीम के अधिकारियों के बयानों में भारी विरोधाभास मिला। जेई ने चेकिंग पर जाने से मना किया, जबकि इंस्पेक्टर ने टीम के जाने की बात स्वीकारी “भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं”: चीफ इंजीनियर मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बिजली चोरी रोकना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर गरीबों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी !


