गाजियाबाद
लोनी नगरपालिका क्षेत्र में अव्यवस्थित सफाई पर नागरिकों का आक्रोश
चेयरमैन ने स्वीकार की खामियाँ — पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों से किया इंकार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाज़ियाबाद)। नगरपालिका परिषद क्षेत्र में फैली गंदगी, कूड़ा न उठने और सफाईकर्मियों की लापरवाही को लेकर बढ़ती जन-नाराज़गी के बीच लोनी नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती रंजीता धामा ने सफाई व्यवस्था में अव्यवस्था की बात तो स्वीकार की, लेकिन नगरपालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। वह सोमवार को नगरपालिका कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
श्रीमती रंजीता धामा ने माना कि कई वार्डों में समय पर सफाई नहीं हो रही, कूड़ा उठाने वाले वाहन लंबे समय से ख़राब पड़े हैं और कुछ सफाईकर्मी नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहते। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य देख रही लायन ग्रुप नामक संस्था के कामकाज से वह संतुष्ट नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि इस संस्था का अनुबंध दिसंबर में ही समाप्त हो चुका था, लेकिन समय पर नई निविदा जारी न होने के कारण मजबूरन इसके अनुबंध का विस्तार करना पड़ा। हालांकि टेंडर प्रक्रिया समय पर क्यों शुरू नहीं की गई और इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है — इस पर वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं।
चेयरमैन ने कहा कि वह जल्द ही कंपनी के एमडी को तलब कर सफाई से जुड़ी शिकायतों पर सख्त बातचीत करेंगी और अनुबंध की शर्तों के अनुसार सभी वार्डों में सफाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी के के मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि “पालिका के अधिकारी और कर्मचारी काम करना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग अनावश्यक दखल देकर कामकाज में बाधा डालते हैं।”
उधर, शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर और फैली गंदगी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद के दावों के विपरीत जमीनी हालात बदतर हैं और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है।
अब देखने वाली बात यह है कि नगरपालिका प्रशासन केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहता है या फिर सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए ज़मीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाते हैं। जनता के मन में सवाल बना हुआ है कि क्या चेयरमैन रंजीता धामा अपने वादों पर खरा उतर पाएँगी — इसका जवाब समय ही देगा।



