
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं चंवरा। कस्बे के किशोरपुरा सीमा पर मोरिंडा स्थित पलटू दास अखाड़े के पंचमुखी हनुमान मंदिर में रविवार को भक्तमाल कथा के छटे दिन कथावाचक रामस्वरूप दास महाराज ने संत दादूदयाल, गरीबदास, पीपाजी महाराज, करमेती बाई, भक्त धन्ना की भक्ति की साधना, उनके त्याग और प्रभु के प्रति उनकी अनन्य भक्ति का अत्यंत प्रेरणादायक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि संत दादू दयाल निर्गुण भक्ति परंपरा के महान संत और दादूपंथ के प्रणेता थे। भक्तमाल में उनकी करुणा और समरसता की महिमा का वर्णन है। संत दादू दयाल जाति-पांति ऊंच-नीच और संप्रदाय से ऊपर उठकर प्रेम और ज्ञान की बातें बताई। संत दादू दयाल को राजस्थान का कबीर भी कहा जाता है। संत गरीबदास दादूदयाल महाराज के प्रमुख 52 शिष्यों में से एक और उनके आध्यात्मिक उतराधिकारी थे जिन्होंने अपने गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग दादूपंथ का विस्तार किया। कथा में करमेती बाई, भगवान कृष्ण और संत दादूदयाल महाराज की झांकी सजाई गई। मींरा बाई के भजनों की ताल पर श्रद्धालु थिरक उठे। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 23 जून को रात्रि जागरण में प्रसिद्ध लोक कलाकार राजेंद्र राव धानोता भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। वहीं 24 जून को हवन, विशाल भंडारे और मेले का आयोजन होगा। इस दौरान धाम के महंत रघुनाथ दास महाराज, मंदिर कमेटी अध्यक्ष गजराज सिंह शेखावत, महेश शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, इन्द्र सिंह शेखावत, सांवरमल सैनी, धवल कुमार बिछवाल, सांवरमल खटाणा, भाताराम रावत, रतन सिंह राठोड़, निवास सैनी, राधेश्याम कुमावत, हनुमान भंडारी, सुखानंद सैनी, बिलास सैनी, सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।




