नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बिजनौर: स्योहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्योहारा की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और मरीजों के साथ कथित व्यवहार को लेकर एक स्थानीय निवासी ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर जांच की मांग की गई लेकिन
शिकायत सामने आने के बाद सीएचसी की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मोहल्ला मिल्कियान निवासी फैजी जावेद पुत्र स्वर्गीय जावेद अख्तर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि वह 3 सितंबर 2026 को दवा लेने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्योहारा पहुंचे थे। तों
शिकायतकर्ता का आरोप है। कि ओपीडी में मौजूद एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. प्रमोद को जांच कराने के लिए पर्चा दी गई थी लेकिन आरोप है। कि इस दौरान उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और पर्चा फेंकते हुए अस्पताल की मशीनें खराब होने की बात कही गई और जांच बाहर से कराने को कहा गया।
जब उन्होंने इसकी शिकायत रखने के लिए चिकित्सा प्रभारी से मिलने का प्रयास किया तो दो बार प्रभारी मौजूद नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जिला स्तर पर मामले की शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। जिसमें
शिकायतकर्ता ने सीएचसी में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है। कि यदि सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध है तो मरीजों को बाहर से जांच कराने की जरूरत क्यों पड़ रही है। वहीं, यदि मशीनें खराब हैं तो उन्हें दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी किसकी है।
शिकायत में सीएचसी में ब्लड टेस्ट के नाम पर मरीजों से 250 रुपये लिए जाने का उल्लेख भी किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है। कि अस्पताल में जांचों के लिए निर्धारित शुल्क क्या है और मरीजों से ली जा रही कथित रकम का आधार क्या है, इसे स्पष्ट किया जाए। कि
शिकायतकर्ता ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों से सीएचसी स्योहारा की व्यवस्थाओं, जांच मशीनों की स्थिति और स्टाफ के व्यवहार की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

