कौन बनेगा बीएमसी मेयर?
महाराष्ट्र में शिवसेना पार्षदों की किलेबंदी, होटल पॉलिटिक्स पर राउत ने पूछा- डर किसे?

मुंबई । मुंबई में मेयर पद को लेकर खींचतान और होटल पॉलिटिक्स पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना द्वारा अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में शिफ्ट करने पर तंज कसते हुए पूछा ‘आखिर डर किसे है?
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुई राजनीतिक हलचल के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना द्वारा अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में शिफ्ट करने पर तंज कसते हुए पूछा ‘आखिर डर किसे है?
बीएमसी चुनाव में 227 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास सबसे अधिक 89 सीटें है। हालांकि मेयर बनाने के लिए 114 पार्षदों की जरूरत होती है। इस गणित के चलते मेयर पद को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो गई है।
नतीजों के बाद होटल पॉलिटिक्स शुरू-नतीजों के तुरंत बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने सभी 29 पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में भेज दिया। पार्टी की ओर से इसे ओरिएंटेशन वर्कशॉप बताया गया, ताकि पार्षदों को देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी के कामकाज की जानकारी दी जा सके।
25 वर्षों तक बीएमसी पर शिवसेना का शासन-इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि भाजपा भी अपने पार्षदों को सुरक्षित जगह ले जाने की तैयारी में है, जो यह दिखाता है कि अंदरखाने राजनीतिक अस्थिरता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हैं और इधर मुंबई में पार्षदों को होटल में शिफ्ट किया जा रहा है यह स्थिति हास्यास्पद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी राउत ने पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने मुंबई में कांग्रेस को हरा दिया। राउत ने याद दिलाया कि पिछले 25 वर्षों तक बीएमसी पर शिवसेना का शासन रहा, जबकि कांग्रेस और भाजपा लंबे समय तक यहां हाशिए पर रहीं। राज्यसभा सांसद ने यह भी कहा कि कांग्रेस की स्थापना मुंबई में हुई थी और भारत छोड़ो आंदोलन भी यहीं से शुरू हुआ था, उस दौर में भाजपा का अस्तित्व ही नहीं था।
घटनाक्रम का आनंद ले रहे- राउत-जब उनसे पूछा गया कि क्या शिवसेना (यूबीटी) बीएमसी में विपक्ष में बैठने जा रही है, तो राउत ने साफ किया कि ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा हम तो हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम का आनंद ले रहे हैं। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे पहले भी शिवसेना को तोड़ चुके हैं और अब वे मुंबई समेत अन्य नगर निकायों में भी ऐसी कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच किसी गुप्त बातचीत की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।
एकनाथ शिंदे भी नहीं चाहते भाजपा का मेयर- संजय राउत-संजय राउत ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे के पार्षदों को इस तरह से होटल में बंदी बनाकर रखना कानून व्यवस्था का सवाल है। उन पार्षदों को डर है कि उनका अपहरण किया जा सकता है, उन्हें तोड़ा जा सकता है। ऐसे में शिंदे ने उन्हें ताज होटल में बंद कर दिया है और वहां पुलिस का कड़ा पहरा है। ये बहुत चिंताजनक बात है और ये पार्षदों के अधिकारों का हनन है। संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के गुट के कई पार्षद हमारे संपर्क में हैं। कौन चाहता है कि मुंबई में भाजपा का मेयर बने? खुद एकनाथ शिंदे भी ऐसा नहीं चाहते।
यूबीटी और एमएनएस की हलचल-इस बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संकेत दिए हैं कि अगर ह्यदेवह्ण की इच्छा हुई तो उनकी पार्टी का भी मेयर बन सकता है। राउत ने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच मेयर पद को लेकर बातचीत हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन घटनाक्रमों को तटस्थ नजर से देख रही है।
बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
चुनाव आयोग और बीएमसी के अनुसार भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की
भाजपा को कुल 11,79,273 वोट यानी 21.58% वोट शेयर मिला
जीतने वाले उम्मीदवारों में भाजपा का वोट शेयर 45.22% रहा
भाजपा बीएमसी की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
भाजपा की सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं
भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन बना बीएमसी का सबसे बड़ा ब्लॉक
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)-मनसे गठबंधन को कुल 71 सीटें
कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की
एआईएमआईएम को 8 सीटें मिलीं
एनसीपी ने 3 सीटें जीतीं
समाजवादी पार्टी को 2 सीटें
एनसीपी (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली



