नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : अंकुर बिहार थाना क्षेत्र की डीएलएफ चौकी से चौकी प्रभारी नितेश को हटाए जाने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोगों के बीच उनके हटाए जाने को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं जिसके चलते अलग-अलग कारण सामने आ रहे हैं।
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रेम बिहार कॉलोनी में लंबे समय से चल रहे सट्टे के कारोबार पर चौकी प्रभारी द्वारा सख्ती किए जाने के बाद वे पुलिस के कुछ बड़े अधिकारियों की नजर में खटकने लगे थे। चर्चा है कि सट्टेबाजी पर लगाम कसने की वजह से वे उन अधिकारियों को नागवार गुजरने लगे, जो कथित रूप से इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे थे।
वहीं दूसरी ओर, उनके हटाए जाने का एक कारण क्षेत्र में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा न हो पाना भी बताया जा रहा है। जिसमें एक चार पहिया वाहन भी शामिल हैं हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन चोरी की घटनाएं क्षेत्र में लगातार हो रही हैं, लेकिन पुलिस कई मामलों में पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें टाल देती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि डीएलएफ चौकी प्रभारी नितेश को केवल विभागीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए रिजर्व पुलिस लाइन भेजा गया है। हालांकि चर्चाओं का दौर यहीं नहीं थम रहा। यह भी कहा जा रहा है कि हटाए गए चौकी इंचार्ज नितेश थाना प्रभारी के कुछ कथित गलत निर्णयों का विरोध करते थे, जिससे उनके और थाना प्रभारी के बीच मतभेद पैदा हो गए और यही उनके तबादले का कारण बना।
फिलहाल, डीएलएफ चौकी प्रभारी को हटाए जाने को लेकर तरह-तरह की अफवाहें क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई क्या है, यह तो अंकुर बिहार थाना प्रभारी और रिजर्व पुलिस लाइन भेजे गए चौकी इंचार्ज ही स्पष्ट कर सकते


