बहराइच

क्रय केंद्रों पर पसरा सन्नाटा, सिर्फ कागजों पर हो रही धान खरीद 

फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों की हुई धान खरीद 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

बहराइच। किसानों से धान खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार जहां किसान पंजीकरण से लेकर भुगतान तक आनलाइन कर चुकी है। किसानों के पंजीकरण व फसल के‌ सत्यापन का जिम्मा लेखपाल व एसडीएम पर है। वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार व गल्ला माफियाओं का गठजोड़ भूमिहीन किसानों का फर्जी सत्यापन करा वास्तविक किसानों को ठग रहा है। भूमिहीन किसानों की वलदीयत बदल दूसरों की खतौनी लगाकर फर्जी पंजीकरण कराया जा रहा है गजब तो ये है कि क्षेत्रीय लेखपाल तहसीलदार व एसडीएम विना जांच सत्यापन भी कर दे रहे हैं। स्थलीय निरीक्षण व किसानों जी ज़ुबानी सुनने के बाद फर्जी धान खरीद के ऐसे आंकड़े सामने आ रहे हैं जो आश्चर्य चकित कर देने वाले हैं। और तो और जिन ट्रकों को धान क्रय केन्द्र से मिल तक धान पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है उनमें से 80 प्रतिशत ट्रक ही फर्जी है कुछ ट्रक मालिकों को खुद नहीं पता है कि उनके वाहन के नाम व नम्बर पर फर्जी चालान काटे जा रहे हैं। दो वाहन मालिकों ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों से शिकायत भी की है कि उनका वाहन गिट्टी मौरंग की ढुलाई का कार्य करता है जबकि उसपर धान ढुलाई लिखाकर ठेकेदार व अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी चालान काटा जा रहा और सरकारी धन का बन्दर बांट किया जा रहा है। बुधवार को स्थलीय निरीक्षण के दौरान किसी भी क्रय केन्द्र पर धान खरीद होती नहीं मिली।
जनपद के महसी,सदर व नानपारा तहसील के किसानों के आनलाइन पंजीकरण के ब्यौरे में हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया। धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद किसानों से की जा रही है या गल्ला माफियाओं से, यह धान विक्री के लिए कराए गए आनलाइन किसान पंजीकरण की डिटेल देखने से ही स्पष्ट हो जाता है। जिसमें कहीं खतौनी का रकबा बढ़ाने के लिए महिला किसान के पिता/पति का नाम दूसरे समुदाय का जोड़ दिया जाता है। तो कहीं पंजीकृत किसान की आई डी में कई अन्य किसानों के गाटे जोड़ कर रकबा बढ़ाया गया है।महसी तहसील निवासी कल्पना मिश्रा की किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800282645 में इनके पिता पति के नाम में इकराम अहमद का नाम दर्ज है व पता ग्राम बभनौटी उर्फ शहर गोला गंज महसी अंकित है। इनके पंजीकरण में भट्ट पुरवा फखरपुर के इकराम अहमद व इजहार अहमद की कुल 17 गाटों की 3.6639 हे. जमीन पर 52 कुंतल धान बेचा गया है। जबकि इनका आधार कार्ड कल्पना मिश्रा पुत्री सुनील कुमार मिश्रा निवासी घुरेहरी पुर के नाम से है।
महसी तहसील निवासी रूपा के किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800300017 में पता शेखापुर तहसील बहराइच दर्ज है। इनके पंजीकरण में तहसील सदर के शेखदहीर निवासी कई अन्य किसानों की 18 गांठों की 3.1956 हेक्टेयर जमीन पर 171 कुंतल धान बिक्री हुआ है। जबकि इनके आधार कार्ड में निवासी ग्राम समदा तहसील महसी दर्ज है और इनके पास एक बीघे जमीन भी नहीं है इसके बावजूद शेखदहीर के क्षेत्रीय लेखपाल आशुतोष प्रताप सिंह और सदर एसडीएम ने इनके पंजीकरण का  विना जांच सत्यापन भी कर दिया। और धान खरीद भी हो गई। रूपा देवी और इनके पति आभास कुमार ने मिलकर कुल 343 कुंतल धान बेचा है जबकि इनके पास सब मिलाकर एक एकड़ भूमि भी नही है।
महसी के आभास कुमार के किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800282478 में पता बभनौटी शंकर पुर तहसील महसी दर्ज है। इनके पंजीकरण में तहसील सदर के शेखदहीर निवासी कई अन्य किसानों की 18 गांठों की 3.6647 हे. जमीन पर 172 कुंतल धान बिक्री हुआ है। जबकि इनके आधार कार्ड में निवासी ग्राम समदा तहसील महसी दर्ज है। इसके बावजूद शेखदहीर के क्षेत्रीय लेखपाल  आशुतोष प्रताप सिंह और सदर एसडीएम ने इनके पंजीकरण का सत्यापन भी कर दिया। तीनों पंजीकरण पर फखरपुर अंतर्गत स्थित वी पैक्स बेलहारी धान क्रय केंद्र पर धान बिक्री किया गया है।
नानपारा तहसील निवास सूरज कुमार मिश्रा की किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800299771 में इनके पिता के नाम में अनुराग का नाम दर्ज है व पता ग्राम सिपहिया हुलास अंकित है। इनके पंजीकरण में सिपहिया हुलास की 6 गाटो की 2.13 हेक्टेयर जमीन पर 96 कुंतल धान बेचा गया है। जबकि इनके नाम से इस गाटे में कोई हिस्सा नहीं है इन्होंने अपनी वलदीयत को फर्जी तरीके से बदलकर अनुराग को अपना पिता दिखाया है जबकि इनका आधार कार्ड सूरज कुमार मिश्रा पुत्र विजय कुमार मिश्रा निवासी लक्ष्मनपुर शंकर के नाम से है। और इन्होंने जिस व्यक्ति को धान विक्री के लिए नामित किया है उसका नाम अंग्रेज बहादुर यादव है जिसे अपना सगा भाई दिखाया है वो भी फर्जी है। लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल मूलचंद पांडेय ने विना जांच सत्यापन कर दिया और फर्जी खतौनी व सत्यापन के सहारे धान विक्री की गई है।
कैसरगंज तहसील निवासी उमेश कुमार की किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800340016 में इनके पिता के नाम में महादेव का नाम दर्ज है व पता ग्राम नदवल अंकित है। इनके पंजीकरण में मझारातौकली जो इस समय चकबंदी में है के गाटा संख्या 124ख की 3.26 हेक्टेयर जमीन पर 174 कुंतल धान बेचा गया है। जबकि इनके नाम से इस गाटे में कोई हिस्सा नहीं है इन्होंने अपनी वलदीयत को फर्जी तरीके से बदलकर महादेव को अपना पिता दिखाया है जबकि इनका आधार कार्ड उमेश कुमार पुत्र राघवराम निवासी घुरेहरीपुर के नाम से है। फिर भी फर्जी खतौनी व सत्यापन के सहारे धान विक्री की गई है।
ऐसे ही तमाम किसानों का वलदीयत बदलकर फर्जी खतौनी लगाकर पंजीकरणकर व सत्यापन के आधार पर लाखों के धान की बिक्री की गई है जो जांच का विषय है। इस तरह धान क्रय केंद्रों के जिम्मेदारों व गल्ला माफियाओं का गैंग वास्तविक किसानों को चूना लगा रहे है।
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