बेतुल
बैतूल एसबीआई ने कन्या शाला गंज को दिया सैनिटरी इंसुलेटर, 625 नैपकिन वितरित
सीएसआर कार्यक्रम अंतर्गत मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर किया जागरूकता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। भारतीय स्टेट बैंक क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय बैतूल द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूल गंज में छात्राओं के लिए सैनिटरी इंसुलेटर एवं सैनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विद्यालय के विज्ञान शिक्षक महेश गुंजेले ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय स्टेट बैंक क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय बैतूल के क्षेत्रीय प्रबंधक सुदिप मुसरे, मुख्य प्रबंधक प्रज्ञा पचौरी, प्रबंधक अमित मेश्राम तथा सहायक प्रबंधक संजय वर्मा के मार्गदर्शन में विद्यालय को एक सैनिटरी इंसुलेटर एवं 625 सैनेटरी नैपकिन प्रदान किए गए।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक सुदिप मुसरे ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक बैतूल द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सैनिटरी इंसुलेटर एवं सैनेटरी नैपकिन का वितरण इसलिए किया जा रहा है ताकि छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता का संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा कि अपने शरीर को साफ रखना अत्यंत आवश्यक है, इससे विभिन्न बीमारियों से बचाव होता है और स्वस्थ जीवन जीया जा सकता है। नियमित स्नान करना, हाथ धोना, दांत साफ करना, मासिक धर्म के समय स्वच्छ सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करना, साफ कपड़े पहनना और स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन करना व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्वपूर्ण अंग हैं, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
– स्वच्छता के मुख्य घटकों में व्यक्तिगत स्वच्छता सर्वोपरि
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पी.आर. देशमुख ने कहा कि स्वच्छता के मुख्य घटकों में व्यक्तिगत स्वच्छता सर्वोपरि है। इसके साथ ही सुरक्षित पेयजल, मल का उचित निपटान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वच्छता, भोजन स्वच्छता तथा मासिक धर्म स्वच्छता भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिन पर सभी को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
विद्यालय की शिक्षिका रीना श्रीवास्तव ने मासिक धर्म के दौरान उपयोग किए गए सैनिटरी पैड के सही निपटान पर जोर देते हुए कहा कि गलत तरीके से निपटान करने पर गंभीर स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। इससे जीवाणु संक्रमण, प्रजनन मार्ग के रोग, गंभीर खुजली एवं त्वचा में जलन की समस्या हो सकती है। साथ ही असुरक्षित निपटान से पर्यावरण में कीटाणु फैलते हैं और सफाई कर्मचारियों के लिए भी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और सभी ने इस पहल की सराहना की।




